AI in Agriculture: कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने भारत समेत पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है। एआई की बढ़ती क्षमता से हर सेक्टर प्रभावित है। ऐसे में कई कंपनियां इसका सटीकता के साथ इस्तेमाल कर रही हैं। अधिकतर लोग समझते हैं कि एआई अभी सिर्फ स्मार्टफोन तक ही सीमित है। हालांकि, एआई ने एजुकेशन, स्वास्थ्य, ऑटो और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। यह तो आप जानते होंगे कि देश के किसानों की आय आज भी कितनी कम है। साथ ही आज भी अधिकतर किसान मौसम और पुरानी खेती पर निर्भर है। ऐसे में एआई के जरिए देश के अन्नदाताओं की इनकम को बढ़ाया जा सकता है।
AI in Agriculture: किसान कैसे बढ़ा सकते हैं अपनी आमदनी
देश के किसान अभी आसानी से स्मार्टफोन का यूज कर रहे हैं, ऐसे में अब एआई की मदद से वह अपनी आय में भी इजाफा कर सकते हैं।
- कई किसानों को इस बात की सटीक जानकारी नहीं होती है कि उन्हें कौन सी फसल किस मौसम में लगानी चाहिए। ऐसे में एआई की सहायता से यह काम किया जा सकता है। साथ ही फसल कब बोनी करनी है और कितना पानी और खाद देना है, जैसी तमाम जरूरी जानकारी को आसानी से हासिल कर सकते हैं।
- अन्नदाताओं की निर्भरता मौसम पर काफी ज्यादा है। ऐसे में अगर बारिश के टाइम पर अच्छी बारिश नहीं होती, तो किसानों को नुकसान हो जाता है। ऐसे में एआई इसमें गेम चेंजर साबित हो सकता है। एआई के दम पर मौसम की भविष्य पहले ही पता लगाई जा सकती है। ऐसे में तकनीक के सही इस्तेमाल से किसी खास लोकेशन में बारिश, सूखा, ओलावृष्टि की चेतावनी समय रहते ही मिल सकती है।
- कई बार देखने को मिलता है कि किसान अपनी फसलों में सही कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसे में अपने फोन से फसल की फोटो खींचकर एआई से इस बात की जानकारी ली जा सकती है कि फसल में कौन-सी बीमारी है। साथ ही इसे ठीक करने के लिए कौन-सी दवा और कितनी मात्रा सही रहेगी।
किसान मौसम जीपीटी जैसे एआई टूल और किसान ई-मित्र जैसी पहल के जरिए रीजनल भाषाओं में रियल-टाइम लोकल खेती की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
कृषि सेक्टर में गेमचेंजर साबित हो सकता है एआई
अगर किसान एआई का सटीक यूज करता है, तो फसल को बेहतर रख सकता है। साथ ही सही टाइम पर सही कदम उठाकर अपनी लागत कम कर सकता है। इसके अलावा, कई एआई टूल और मोबाइल ऐप्स के जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आजकल कई एआई चैटबॉट सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हैं। साथ ही बीमा जानकारी और सरकारी सब्सिडी लेने की आसान प्रक्रिया को भी अपनी भाषा में जान सकते हैं।





