AI in Healthcare: भारत में एआई हेल्थकेयर क्यों जरूरी है, टाइम और पैसों की बचत समेत मिलेंगे कई फायदे; क्या खतरे में है डॉक्टर्स की नौकरी?

AI in Healthcare: इंडिया की बड़ी आबादी के हिसाब से डॉक्टरों की काफी कमी है। ऐसे में एआई हेल्थकेयर के क्षेत्र में काफी मददगार साबित हो सकता है। मगर क्या इससे डॉक्टरों की नौकरी पर कोई प्रभाव पड़ सकता है?

AI in Healthcare: एआई मतलब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिर्फ स्मार्टफोन या कार में वॉयस कमांड तक सीमित नहीं रह गया है। अब एआई हेल्थकेयर में भी झंडे गाड़ रहा है। भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में एआई हेल्थकेयर के सेक्टर में काफी उपयोगी साबित हो सकता है। एआई की मदद स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है। मरीजों की देखभाल, टेस्ट और दवाओं के निर्माण के साथ ही किसी गंभीर बीमारी को खोजने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

AI in Healthcare भारत में क्यों जरूरी?

भारत के लिए हेल्थकेयर में एआई की एंट्री काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। देश के हेल्थ सेक्टर में कई कमियां हैं, जिसे एआई की सहायता से दूर करने में मदद मिल सकती है। यह तो आप जानते ही होंगे कि आज भारत की बड़ी आबादी के लिए बहुत ही कम अस्पताल मौजूद हैं। खासकर देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी उपचार के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। ऐसे में एआई की मदद से इस कमी को भरा जा सकता है। एआई को चैटबॉट के तौर पर फोन्स में इंटीग्रेट किया जा सकता है, जो कई बीमारियों की पहचान करके मरीजों को सही समय पर सटीक एक्शन ले सकता है। इसके अलावा, देश में डॉक्टरों की कमी भी हेल्थकेयर क्षेत्र को पिछड़ा साबित करती है। ऐसे में इस गैप को एआई की सहायता से पूरा किया जा सकता है।

हेल्थकेयर में एआई आने से कैसे होगा फायदा

एआई स्वास्थ्य के क्षेत्र में मरीजों के लिए नया डॉक्टर साबित हो सकता है। हेल्थकेयर में एआई के बढ़ते कदम लोगों का समय और पैसों की बचत कर सकते हैं। एआई की मदद से घर बैठे-बैठे मरीजों को बीमारी की जानकारी और उसके निदान की जानकारी मिल सकती है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में मरीज को तुरंत इलाज मिल सकेगा। साथ ही इंसानी गलती की गुंजाइश भी कम होगी। इसके अलावा, एआई का स्वास्थ्य सेक्टर में बढ़ना देश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकता है।

क्या डॉक्टरों की नौकरी पर खतरा?

उधर, एक सवाल यह भी खड़ा होता है कि क्या हेल्थकेयर सेक्टर में एआई की प्रगति डॉक्टरों की नौकरी के लिए खतरा साबित हो सकती है? तो आपको बता दें कि इसके कई प्वॉइट्स हैं। एआई के हेल्थकेयर क्षेत्र में आने से डेटा प्राइवेसी का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही एआई टूल्स पर निर्भरता अधिक हो सकती है। वहीं, एआई की गलत ट्रेनिंग से मरीज की जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसे में एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉक्टरों का सहयोगी बन सकता है, मगर उन्हें रिप्लेस करने की उम्मीद अभी कम है।

Exit mobile version