AI Startup Funding: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस हर सेक्टर में अपनी हाजिरी दर्ज करवा रहा है। बीते साल देखने को मिला कि कई आईटी और हेल्थकेयर की मार्केट में भी एआई टूल्स का उपयोग शुरू किया गया। मगर इसके बाद भी एआई सेक्टर से एक बुरी खबर सामने आई। जी हां, कई हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 2025 के दौरान एआई स्टार्टअप फंडिंग में 40 फीसदी की कमी देखी गई है। इस जानकारी के बाहर आते ही एआई मार्केट में तहलका मच गया। अगर एआई स्टार्टअप फंडिंग में कमी आई, तो इसका बुरा प्रभाव इंडिया के एआई ड्रीम पर देखने को मिल सकता है।
AI Startup Funding में आई बड़ी कमी
कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 2025 के दौरान इंडिया के कई कई स्टार्टअप्स में छंटनी हुई। साथ ही सीड और अर्ली स्टेज फंडिंग में काफी कमी आई है। कई कंपनियों की एआई डील्स रद्द हो गई, जिस वजह से स्टार्टअप में फंडिंग की कमी देखने को मिली। हालांकि, इसके बाद भी एआई सेक्टर में पैसों की रफ्तार धीमी नहीं हुई।
क्या इंडिया का एआई सपना खतरे में?
एआई मार्केट में इंडिया अभी भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत में बड़ी संख्या में एआई इंजीनियर्स और डेटा साइंटिस्ट हैं। कई वैश्विक कंपनियों ने इंडिया में एआई टीम बनाने का निर्णय लिया है। इससे भारत के योग्य लोगों को एआई सेक्टर में रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में भी अच्छा प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, हेल्थकेयर, फिनटेक, उत्पादन और सरकार के अधीन काम करने वाले टेक सेक्टर्स में भी एआई का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
बूटस्ट्रैप्ड एआई, एंजेल इन्वेस्टर्स और सरकारी सहायता
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बूटस्ट्रैपिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें व्यवसाय को स्वयं फंड दिया जाता है। केवल मौजूदा संसाधनों का उपयोग करके, बूटस्ट्रैप्ड कंपनियां अपने व्यवसाय को बिल्कुल शुरुआत से खड़ा करती हैं। ऐसे में बिजनेस टू बिजनेस टूल्स का इस्तेमाल करना चाहिए।
वहीं, एंजेल इन्वेस्टर्स शुरुआत में प्रोटोटाइप मॉडल से आगे बढ़कर अब कुछ ऐसे ग्राहकों को खोज रहे हैं, जो कि पहले दिन से पैसे दे सके। एआई स्टार्टअप्स को मिलने वाली सरकारी सहायता की बात करें, तो स्टार्टअप्स इंडिया के तहत टैक्स लाभ मिलता है। इसके अलावा, कई राज्य जैसे- कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात एआई स्टार्टअप्स मिशन के लिए फंड मुहैया करा रहे हैं।
