Artificial Intelligence: यह तो आप जानते ही होंगे कि 28 फरवरी के बाद लगातार भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। पश्चिमी एशिया में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। अब तक कई हजारों लोग मारे जा चुके हैं। इस लड़ाई के बीच भारत समेत दुनियाभर के स्टॉक मार्केट लाल निशान मतलब गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में क्या एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस निवेशकों की किसी तरह से मदद कर सकता है? अगर आप भी इस प्रश्न का सटीक जवाब जानना चाहते हैं, तो आपको आखिर तक इस आर्टिकल को पढ़ना होगा।
Artificial Intelligence कैसे कर सकता है निवेशकों का काम आसान
ताजा युद्ध ने भारतीय शेयर बाजार में काफी उथल-पुथल मचा दी है। शेयर बाजार में निवेशकों का तगड़ा नुकसान हो चुका है, जिसका कारण कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली बताया गया है। ऐसे में आईटी सेक्टर में भी गिरावट देखी गई है। मगर एआई निवेशकों की सहायता कर सकता है।
- एआई की मदद से यूजर्स किसी भी कंपनी का डेटा एनालिसिस कर सकते हैं। इससे किसी कंपनी के सालाना परिणाम, खबरें, सोशल मीडिया और आर्थिक डेटा को पढ़कर पैटर्न ढूंढ सकता है। इससे निवेशकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है।
- एआई की सहायता से एल्गोरिदम ट्रेडिंग में मदद मिल सकती है। साथ ही एआई रिस्क मैनेजमेंट में भी अपना अहम योगदान दे सकता है। इससे निवेशकों को होने वाला नुकसान पहले ही पता चल सकता है।
- फिलहाल एआई इमोशन लैस है, ऐसे में एआई किसी भी निवेश के फैसले के पहले डेटा आधारित जानकारी देता है। ऐसे में किसी तरह का डर या इंसानी लालच नहीं रहता है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की भी हैं अपनी सीमाएं
हालांकि, एआई मतलब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की अपनी सीमाएं भी हैं। एआई किसी भी डेटा एनालिसिस में 100 फीसदी सही साबित नहीं हो सकता है। जैसे अचानक घटी घटनाएं भी शेयर बाजार को प्रभावित कर सकती है, जिसमें युद्ध, नीति बदलाव, वैश्विक संकट शामिल है। ऐसे में ज्यादा एल्गोरिदमन ट्रेडिंग कभी-कभी बाजार की अस्थिरता बढ़ा भी सकती है। अगर स्टॉक मार्केट गिर रही है, तो एआई की मदद से गिरते बाजार में डेटा को समझने और बेहतर निर्णय लेने में आसानी हो सकती है। इसके लिए आप कई एआई टूल्स की भी सहायता ले सकती है।
