Instagram यूजर्स के लिए बड़ा खतरा, इस दिन के बाद आपके मैसेज नहीं रहेंगे प्राइवेट! जानिए कंपनी ने क्यों उठाया इतना शॉकिंग कदम

Instagram: मेटा के अधीन आने वाला इंस्टाग्राम जल्द ही बड़ा शॉकिंग निर्णय लेने वाला है। कंपनी यूजर्स को झटका देते हुए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड की सुविधा को बंद करने जा रही है।

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Instagram: भारत समेत दुनियाभर में करोड़ों लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आपके पास कुछ ही दिनों का वक्त बचा है। इसके बाद आपके इंस्टाग्राम मैसेज अनसेफ हो जाएंगे। ‘India Today’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टेक कंपनी मेटा के अधीन काम करने वाला इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म एक ऐतिहासिक निर्णय लेने जा रहा है। कंपनी जल्द ही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड की सुविधा को बंद करने जा रही है। जी हां, इसका मतलब है कि अब आपके मैसेज सिर्फ 2 लोगों तक सीमित नहीं रहेंगे। बल्कि मैसेज को कोई भी पढ़ सकेगा।

Instagram इस तारीख से हटाएगा अपना खास फीचर

रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर 8 मई 2026 के बाद एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग फीचर को बंद कर दिया जाएगा। यूजर की प्राइवेसी को बेहतर बनाने के लिए दिसंबर 2023 में इस प्लेटफॉर्म पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग फीचर शुरू किया गया था। ऐसे में अब जल्द ही यह फीचर बंद हो जाएगा, तो इंस्टाग्राम पर भेजे गए मैसेज अब एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित नहीं रहेंगे, जिसका मतलब है कि मेटा चैट के कंटेंट को एक्सेस कर पाएगा।

इंस्टाग्राम ने क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?

कंपनी ने कहा, ‘अगर आपकी कोई ऐसी चैट है, जो इस बदलाव से प्रभावित हुई है, तो आपको इस बारे में निर्देश दिखाई देंगे कि आप कोई भी मीडिया या मैसेज कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, जिन्हें आप अपने पास रखना चाहते हैं।’ बताया जा रहा है कि मेटा का यह फैसला इंटरनेट पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाने से कंपनी इंस्टाग्राम पर डायरेक्ट मैसेज और कॉल को स्कैन कर पाएगी, ताकि बच्चों के यौन शोषण, ग्रूमिंग या उत्पीड़न के अन्य रूपों से जुड़े कंटेंट का पता लगाया जा सके।

क्या भारत पर पड़ेगा इसका प्रभाव?

रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम सहित कई क्षेत्रों की सरकारें और साथ ही यूरोपीय संघ के नीति-निर्माता, प्राइवेट मैसेजिंग सेवाओं से ऐसी नुकसानदेह कंटेंट की पहचान करने और उसे हटाने पर जोर दे रहे हैं। ईयू चैट कंट्रोल रेगुलेशन प्रस्ताव और यूके के ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट 2023 जैसे प्रस्तावित नियम, अधिकारियों को अधिक अधिकार देंगे, ताकि वे प्लेटफॉर्म से बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी कंटेंट का पता लगाने की मांग कर सकें, यहां तक कि प्राइवेट बातचीत के अंदर भी। इंस्टाग्राम का नया कदम भारत के सभी यूजर्स पर भी लागू होगा।

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