Artificial Intelligence: आज की युवा पीढ़ी, जिसे जेन जी कहा जाता है, वो एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर कितनी गंभीरता के साथ सोचती है। जी हां, यह सवाल कई लोगों के मन में आता है कि क्या जेन जी कॉलेज की पारंपरिक डिग्री को महत्व देती है या फिर तेजी से बढ़ते हुए एआई ट्रेंड को फॉलो करते हुए एआई स्किल्स पर अधिक जोर देती है। जेन जी के पास नई तकनीक को समझने के लिए काफी टाइम है। साथ ही दूसरी तरफ, कॉलेज के जरिए वही पुरानी डिग्री लेकर पुराने रास्ते पर चलने का अवसर भी उपलब्ध है। आइए नीचे 3 मुख्य बिंदुओं में इसे विस्तार के साथ जानने की कोशिश करते हैं।
Artificial Intelligence के दौर में किसे चुनें जेन जी
अगर बात पहले कॉलेज डिग्री की करें, तो जेन जी मानती है कि अपने बुनियादी ढांचे, थ्योरी और फंडामेंटल को अच्छे से समझों। जैसे- इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, अकाउंटिंग में डिग्री अनिवार्य है। बिना डिग्री के नौकरी मिलना मुश्किल है।
दूसरी तरफ, एआई स्किल्स को देखें, तो इससे जेन जी को बहुत जल्दी काम मिल सकता है। जैसे- एआई डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग सीखकर आसानी से काम मिल सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस: कॉलेज की डिग्री या फिर एआई स्किल्स
इसके अलावा, कॉलेज में पढ़ने से जेन जी का नेटवर्क बनता है। उन्हें प्रोफेसर, अपने सहपाठी और कई अन्य लिंक्स बनते हैं। इससे भविष्य में नौकरी मिलने में आसानी हो सकती है। मगर एआई स्किल्स की तरफ देखें, तो पोर्टफोलियो और प्रोजेक्ट के साथ रियल कौशल से काफी काम मिल सकता है। जैसे- सॉफ्टवेयर, एआई टूल्स और डेटा सेक्टर में अहम भूमिका।
दोनों से जेन जी को क्या मिलता है?
आखिर में, कॉलेज की डिग्री के साथ जेन जी को अनुशासन, संचार और डेडलाइन के साथ काम करना आ जाता है। दूसरी तरफ, एआई कौशल के जरिए जेन जी रिमोटली और फ्रीलांसिंग के माध्यम से काम कर सकते हैं। बस अपना काम दिखाओ और पैसा कमाओ।
जेन जी के लिए क्या है सबसे ज्यादा जरूरी?
ऐसे में अगर जेन जी को इंजीनियरिंग, मेडिसीन, लॉ, सरकारी नौकरी या फिर कोर एकेडमिक्स में जाना है, तो कॉलेज ही डिग्री ही बेस्ट रहेगी। मगर एआई स्किल्स पर धयान देना है, तो डिजिटल भूमिका समेत कई कंपनियों में बढ़िया काम आसानी से मिल सकता है।






