Artificial Intelligence: आपने अक्सर पढ़ा या सुना होगा कि किसी भी चीज का अधिक इस्तेमाल नुकसान होता है। जी हां, इस लाइन को एक बार फिर से पढ़िए। किसी भी चीज का ज्यादा यूज, मतलब नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। आजकल एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल लोग खाने-पीने की तरह कर रहे हैं। किसी सवाल का जवाब तलाशना है, तो किसी चैटबॉट पर चले गए। स्कूल का होमवर्क करना है, तो किसी चैटबॉट की मदद ले ली। मगर सवाल है कि क्या युवा पीढ़ी यानी जेन जी की क्रिएटिविटी पर इसका बुरा असर पड़ रहा है?
Artificial Intelligence क्या सच में खत्म कर रहा है जेन जी की क्रिएटिविटी?
अगर ज्यादा पीछे नहीं, बस कुछ साल पहले तक की बात करें, तो लोग सफर के दौरान किताब पढ़ना, न्यूजपेपर आदि की मदद लेते थे। मगर अब सिर्फ एक प्रॉम्प्ट डालना है और चैटबॉट सभी खबरों की जानकारी तुरंत दे देगा। ऐसे में अब फोन में किसी भी ऐप को भी रखने की जरूरत नहीं है। ऐसे में आज की युवा पीढ़ी बिना कुछ अधिक सोचें धीरे-धीरे एआई पर निर्भर होती जा रही है। चाहे स्कूल और कॉलेज के असाइमेंट हो या फिर रोजाना की लाइफ से जुड़े हुए कुछ नॉर्मल से सवालों के जवाब। एआई पर बढ़ती निर्भरता जेन जी की क्रिएटिविटी को खत्म कर रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कैसे प्रभावित कर रहा है युवा पीढ़ी की क्रिएटिविटी
किसी भी एआई टूल या चैटबॉट पर जेन जी का बढ़ता रूख उनकी क्रिएटिविटी को प्रभावित कर रहा है। अगर जेन जी बिना सोचे समझें सिर्फ एआई से सवाल का जवाब मांगता है, तो यह असली खतरा बन सकता है। साथ ही युवा पीढ़ी अपनी मानसिक शांति को बढ़ावा देने के लिए सोचने से बच रही है, मगर जेन जी एक समस्या से बचने के लिए दूसरी तरफ अनजान खतरे पर अपनी निर्भरता बढ़ा रही है। आजकल स्टोरीटेलिंग का मतलब सिर्फ इंस्टाग्राम की रील और यूट्यबू शॉर्ट्स तक सीमित रह गई है। ऐसे में अगर आप पहले से आलसी हैं, तो एआई की हेल्प लेना आपको और अधिक आलसी बना रहा है।
जानिए नई जेनरेशन कैसे एआई पर अपनी निर्भरता कम कर सकती है
वहीं, अगर जेन जी को एआई पर अपनी बढ़ती निर्भरता को कम करना है, तो कुछ उपायों को अपनाना होगा।
- जेन जी जेनरेशन को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के ऊपर अपनी निर्भरता कम करने के लिए एआई टूल्स का सीमित उपयोग करना होगा।
- रोजाना की लाइफ किसी भी सवाल का जवाब तलाशने के लिए एआई की मदद लेने से पहले खुद थोड़ी रिसर्च करें।
- साथ डेली लाइफ में रीडिंग स्किल को डेवलेप करें, नई-नई बुक्स पढ़ें और नई जानकारियों के साथ अपडेट रहें।
- इसके अलावा, आसपास के लोगों के साथ बातचीत करें। इससे युवा पीढ़ी को काफी मदद मिल सकती है।
अगर आप इन तरीकों को अपनी लाइफ में लाते हैं, तो एआई पर बढ़ती निर्भरता को कम कर सकते हैं।
