Blood Pressure: ब्लड प्रेशर बढ़े या फिर घटे हर स्थिति में खतरनाक होता है। इसीलिए डॉक्टर इसे सामान्य रखने की सलाह देते हैं। बीपी की बीमारी पूरी तरह से खान-पीन और दिलचर्या पर आधारित होती है। इसीलिए लाइफस्टाइल का खास ध्यान रखना पड़ता है। ब्लड प्रेशर को सामान्य भाषा में जानें तो ये रक्त की धमनियों पर पड़ने वाला वो दबाव है जो जब शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने के लिए खून को पंप करता है। ब्लड का सर्कुलेशन तेज और धीमा दोनों ही खतरनाक माना जाता है। अगर ये कंट्रोल रहे तो दिल से लेकर दिमाग तक के लिए ठीक रहता है।
Blood Pressure की दवाई कब लेनी है और कब नहीं?
ब्लड प्रेशर की दवाई और लेवल के बारे में डॉक्टर आरती बता रही हैं। आपको बता दें, बीपी अगर रिडिंग मशीन में 140/90 mmHg या उससे अधिक दिख रहा है तो दवाई लेनी चाहिए। अगर लगातार बीपी इसी रेंज पर चल रहा तो डॉक्टर आमतौर पर दवा शुरू करने की सलाह देते हैं। वहीं, 130/80 से लेकर 139/89 mmHg तक बीपी का लेवल रहने पर हाइपरटेंशन की पहली स्टेज मानी जाती है। वैसे तो इस लेवल को लाइफइस्टाइल में बदलाव करके ठीक किया जा सकता है।
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लेकिन जिन लोगों को हार्ट, डायबिटीज और किडनी जैसी गंभीर बीमारी है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करके तुरंत दवा शुरु कर सकते हैं। वहीं, डॉक्टर के द्वारा हर आयु वर्ग के लोगों को 150/90 mmHg से अधिक बीपी होने पर दवाई खाने की सलाह दी जाती है। वहीं, ब्लड प्रेशर का सबसे खतरनाक लेवल 160/100 mmHg या 180/120 mmHg अधिक माना जाता है। ये एक इमरजेंसी स्थिति होती है। जिसमें तुरंत दवा की जरुरत पड़ती है।
Blood Pressure कैसे बिगड़ता है?
ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है तो ठीक होता है। लेकिन अगर ये बहुत बढ़ता है या फिर घटता है तो मरीज के लिए मुश्किल खड़ी करता है। इसीलिए हेल्दी खान-पीन ही इसका अच्छा विकल्प है।
1-हाई बल्ड प्रेशर की स्थिति तब पैदा होती है जब, शरीर में सोडियम बहुत ज्यादा होता है और पोटेशियम की कमी बीपी को बढ़ाती है।
2-शराब और धूम्रपान से बीपी का लेवल बहुत जल्दी बढ़ती है।
3-नींद का बीपी से गहरा नाता होता है। तनाव बढ़ने से नींद की कमी से ये बहुत जल्दी बढ़ जाता है।
4-लो ब्लड प्रेशर की समस्या तब पैदा होती है जब शरीर में पानी की कमी होती है। डिहाइड्रेशन लो बीपी का प्रमुख कारण बनता है।
5-विटामिन B12, आयरन, और फोलिक एसिड की बढ़ती कमी बीपी को लो कर सकती है।
