Fatty Liver: लिवर की बीमारी से पीड़ित लोगों को लाइफस्टाइल में खास ध्यान देने की जरूरत पड़ती है और ऐसे में वे क्या खाते हैं यह काफी मायने रखती है। एम्स से ट्रेंड डॉ सौरभ सेठी ने फैटी लीवर से पीड़ित लोगों के लिए 7 ऐसे फूड्स बताएं हैं जो आपके लिवर को मदद कर सकता है और इसे हेल्दी बना सकता है। आइए जानते हैं क्या आप इन चीजों का सेवन करते हैं क्योंकि यह आपके लिवर के लिए काफी हेल्दी और अहम बताया गया है। इसके सेवन से इन्फ्लेमेशन काफी हद तक कम हो सकता है और लिवर फ़िब्रोसिस के साथ-साथ सिरोसिस का रिस्क भी कम हो सकता है।
कॉफी का सेवन फैटी लिवर में है फायदेमंद
अगर आप फैटी लिवर से पीड़ित है तो काफी का सेवन एक दिन में 1 से 3 कप का कर सकते हैं। कॉफी लीवर इन्फ्लेमेशन को कम करने के साथ-साथ लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस के रिस्क को कम करता है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और पॉलिफिनॉल्स की मौजूदगी होती है।
बेरिज खाने से मिलेंगे फायदे
ब्लूबेरी हो या फिर स्ट्रॉबेरी फाइबर पॉलीफेनोल्स और एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी की वजह से आपके लिवर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। पहले बेरीज को अच्छे से बेकिंग सोडा या विनेगर से धोकर सेवन करें फायदा मिलेगा।
ओलिव ऑयल का इस्तेमाल लिवर के लिए है फायदेमंद
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल में मोनो सैचुरेटेड फैट्स और पॉलिफिनॉल्स होते हैं जो आपके लिवर फैट को कम करने और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
फैटी लिवर में नट्स का सी खास योगदान
बादाम, अखरोट और पिस्ता में हेल्दी फैट्स फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपके मेटाबॉलिक हेल्थ के साथ-साथ फैटी लिवर के रिस्क को कम कर सकता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां भी है Fatty Liver में अहम
पालक, ब्रोकली, पत्ता गोभी, फूल गोभी स्प्राउट्स जैसी चीजों का सेवन करना आपके लिए अहम है ताकि फैटी लिवर से आप जीत सके।
बींस और मसूर का भी करें सेव
फैटी लिवर से बचने के लिए आपको बींस और मसूर का सेवन करना जरूरी है क्योंकि इसमें फाइबर, प्लांट प्रोटीन के साथ-साथ स्लो डाइजेस्टिव कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो आपको फैटी लिवर से बचा सकता है।
चुकंदर का सेवन कर सकते हैं आप
फैटी लिवर से बचाव के लिए आप चुकंदर का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इसमें फाइबर, नाइट्रेट एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने के साथ-साथ लिवर फंक्शन के लिए अहम है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
