Fatty Liver: फैटी लिवर शायद इस बीमारी के बारे में आप बहुत कुछ जानते होंगे जहां अल्कोहल और न जाने कितनी चीज इसके पीछे की वजह के तौर पर जाना जाता है। इस सबके बीच एम्स की डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने एक वीडियो के जरिए लोगों को एक ऐसी जानकारी देती हुई नजर आई जो शायद फैटी लिवर के बारे में आप भी नहीं जानते होंगे। आइए जानते हैं आखिर डॉक्टर प्रियंका ने किस तरह से लोगों को इसे लेकर आगाह किया है और आखिर उन्होंने ऐसा क्या कहा जो शायद आपके लिए भी अनजान हो।
कैसे नॉर्मल सेल्स फैटी लिवर में बदल जाते हैं
डॉ प्रियंका इस वीडियो में यह कहती हुई नजर आती है कि फैटी लिवर अल्ट्रासाउंड से डायग्नोज होता है यह शायद आप जानते हैं। अल्कोहल ही सिर्फ फैटी लिवर की एक वजह नहीं है इसके लिए नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज भी होते हैं जिसे मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि मेटाबॉलिक डिस फंक्शन क्यों होता है। मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन पेट का मोटापा, इन्सुलिन रेजिस्टेंस, हाई ब्लड प्रेशर ट्राइग्लिसराइड लेवल हाई होना हो सकती है। यह आपके नॉर्मल लिवर सेल्स को फैटी लिवर में बदल देता है।
FIB 4 से जानें Fatty Liver की क्या है हालत
ऐसे में फैटी लिवर को लेकर आगाह करने वाली डॉक्टर प्रियंका कहती है कि सिर्फ अल्ट्रासाउंड ही नहीं है जो आपके फैटी लिवर के ग्रेड को बताती है। आपका ब्लड टेस्ट में FIB 4 का इंडेक्स भी यह बताने के लिए काफी होता है कि आप फैटी लिवर से पीड़ित तो नहीं है। यह इंडेक्स आपकी उम्र, लिवर एंजाइम्स और प्लेटलेट्स लेवल के तौर पर निकाला जाता है। वहीं डॉक्टर प्रियंका कहती हैं कि अगर आपका FIB 4 1.3 से कम है तो यह ठीक है। अगर FIB 4 1.3 से 2.6 के बीच में है तो आपको लाइफ़स्टाइल मोडिफिकेशन की जरूरत है तो वहीं अगर 2.6 से ज्यादा है तो आपको सावधान होने की जरूरत है।
FIB 4 है अलार्म जब आप डॉक्टर को करें संपर्क
वहीं अगर आपका FIB 4 2.6 से ज्यादा है तो आपको गैस्ट्रोलॉजिस्ट से संपर्क करने की सलाह डॉक्टर प्रियंका देती है। इसके अलावा सैचुरेटेड फैट्स अपने खाने में कम इस्तेमाल करें और हर दिन एक्सरसाइज करने की आपको जरुरत है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
