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Artificial Intelligence: क्या अब एआई की मदद से बढ़ेगी किसानों की इनकम? रोबोटिक क्लीनिंग में वरदान बन रही राजस्थान सरकार की यह योजना; जानें डिटेल

Artificial Intelligence: एआई ने लगभग सभी क्षेत्रों में अपना दायरा फैला लिया है। ऐसे में अब एआई की मदद से किसानों की आय भी बढ़ सकती है। इससे सरकारी सहायता भी मिलती है।

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Artificial Intelligence, Photo Credit: Google

Artificial Intelligence: अब तक तो आप समझ गए होंगे कि एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का दायरा बहुत बड़ा है। एआई ने अब तक सभी क्षेत्रों पर अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। खेती में भी एआई के जरिए किसानों को बंपर कमाई हो सकती है। जी हां, किसान एआई के जरिए तगड़ी आय अर्जित कर सकते हैं। दरअसल, राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के तहत किसानों को सब्सिडी प्रदान कर रही है। इससे रोबोटिक क्लीनिंग में किसानों को काफी फायदा हो रहा है। रोबोटिक क्लीनिंग सोलर पैनल में काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

Artificial Intelligence की मदद रोबोटिक क्लीनिंग को बनाती है सुविधाजनक

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान स्कीम को राजस्थान में बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। जिन किसानों ने अपने खेतों में सोलर पैनल का इस्तेमाल किया है। वे सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाने के लिए रोबोटिक क्लीनिंग का सहारा ले रहे हैं। दरअसल, खेतों में धूल और अन्य गतिविधियों की वजह से सोलर पैनल काफी ज्यादा गंदे हो जाते हैं। ऐसे में लंबे समय तक गंदे रहने पर सोलर पैनल की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में एआई की मदद से रोबोटिक क्लीनिंग करके सोलर पैनल से धूल-मिट्टी को हटाया जा सकता है।

एआई पावर्ड रोबोट बिना पानी के रोजाना सफाई करते हैं, जो मैनुअल तरीकों से लगभग 5-8 गुना तक सस्ता पड़ता है। साथ ही इंसानी मदद के दौरान पानी की खपत भी अधिक होती है। यही वजह है कि कई किसान सोलर पैनल साफ करने के लिए रोबोटिक क्लीनिंग का सहारा ले रहे हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए किसानों को हो सकती है अच्छी कमाई

बता दें कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के तहत 30 फीसदी तक की मदद केंद्र सरकार देती है। ऐसे में किसान अपनी बंजर या गैर-जरूरी जमीन पर सोलर पैनल लगवा सकते हैं। ऐसे में किसान इस स्कीम का लाभ उठाकर कई निजी बिजली कंपनियों को बिजली बेच सकते हैं। मगर इस दौरान किसानों को सोलर पैनल पर धूल जमने की परेशानी आ सकती है। इस दिक्कत को रोबोटिक क्लीनिंग की मदद से दूर किया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम ऑपरेशनल और मैनेजमेंट लागत को 20 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। साथ ही सालाना आधार पर बिजली के उत्पादन में 5 फीसदी तक का इजाफा कर सकते है। ऐसे में किसान हर साल सोलर पैनल लगाकर अच्छी इनकम प्राप्त कर सकता है।

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