India AI Impact Summit 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 5 दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन 21 फरवरी को हो गया। ऐसे में इन 5 दिनों में भारत में दुनियाभर से टेक एक्सपर्ट और कई देशों के प्रमुखों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इंटरनेट पर हर जगह एआई समिट की चर्चा है। ऐसे में भारत को इस एआई समिट से क्या हासिल हुआ? दुनियाभर की एआई कंपनियों के सीईओ और टेक एक्सपर्ट ने अलग-अलग तरह से एआई सेक्टर में भारत की भूमिका की खुलकर बात की। साथ ही भविष्य में एआई बाजार में भारत की ताकत पर भी बात की। ऐसे में इस एआई समिट से इंडिया को किस तरह के फायदे मिले।
India AI Impact Summit 2026 से भारत को हुए कई फायदे
दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के जरिए भारत को ग्लोबल लेवल पर नेतृत्व और मान्यता को मजबूती मिली।
- इस आयोजन के जरिए भारत ने सिर्फ एशिया में नहीं, बल्कि एआई सेक्टर को बताया कि भारत एआई के भविष्य को लेकर काफी जिम्मेदार तरीके से लेकर चल सकता है।
- भारत ने अमेरिका के साथ ‘पैक्स सिलिका’ नामक टेक्नोलॉजी एवं भरोसेमंद एआई साझेदारी की घोषणा की। इससे भारत को एडवांस टेक्नोलॉजी एक्सचेंज में मदद मिलेगी।
- इस आयोजन में दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों और निवेशकों ने एआई और इन्फ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर निवेश का वादा किया है। टेक कंपनियों के इस फैसले का सीधा असर इंडिया के एआई उद्योग पर नजर आएगा। भारत में एआई सेक्टर में नई नौकरियां पैदा होगी। डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग पावर और एआई रिसर्च में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई सेक्टर में भारत की भूमिका को ध्यान में रखते हुए एआई वर्कफोर्स बनाने पर जोर दिया। साथ ही नई स्किलिंग, यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री प्रोग्राम्स और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की बात कही।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत ने दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
एआई समिट में भारत के देसी एआई मॉडल्स और ऐप्स ने वैश्विक लेवल पर जोरदार एंट्री मारी। इसमें इंडिया का सर्वम एआई मॉडल को पेश किया। यह एआई मॉडल टेक्स्ट, स्पीच और विजन जैसी क्षमता के साथ उतारा गया। ऐसे में कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह देसी मॉडल चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी को कड़ी टक्कर दे सकता है। इसके अलावा, ज्ञानी एआई मॉडल और भारतजेन एआई मॉडल्स भी अपनी दमदार खूबियों के साथ सामने आए। ऐसे में इस एआई समिट से भारत को सिर्फ सम्मान नहीं मिला, बल्कि जमीन पर निवेश, तकनीक, रोजगार, ग्लोबल नीति-दृष्टि और वैश्विक मान्यता जैसे कई फायदे भी मिले।





