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India Semiconductor Mission 2.0: भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मलेशिया कैसे दे सकता है मजबूती, सप्लाई चेन, रोजगार समेत मिलेंगे कई फायदे

India Semiconductor Mission 2.0

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India Semiconductor Mission 2.0: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 दिन पहले ही मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ मुलाकात की। इंडिया के सेमीकंडक्टर अभियान को नई रफ्तार देने के लिए इस मीटिंग को काफी अहम मान जा रहा था। दरअसल, 1 फरवरी को आम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को लेकर बड़ी घोषणा की थी। इस अभियान के जरिए भारत भविष्य में सेमीकंडक्टर सेक्टर में नई ऊंचाईयों को छू सकता है। साथ ही वैश्विक स्तर पर अपनी खास पहचान स्थापित कर सकता है। मलेशिया कैसे भारत को सेमीकंडक्टर मार्केट का किंग बना सकता है।

India Semiconductor Mission 2.0 को मलेशिया दे सकता है बूस्ट, होंगे कई फायदे

मलेशिया भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, मलेशिया चिप की असेंबलिंग, टेस्टिंग और पैकेजिंग के मामले में शीर्ष देशों में आता है। भारत अभी इसी हिस्से पर फोकस कर रहा है। ऐसे में मलेशिया का अनुभव भारत को तेजी से स्केल-अप करने में मदद कर सकता है। मलेशिया मदद करके भारत के “ट्रायल-एंड-एरर” में कई साल बचा सकता है। मलेशिया में कई नामी कंपनियां हैं, जो कि भारत को टेक्नोलॉजी और इस फील्ड से संबंधित जानकारी को ट्रांसफर कर सकती हैं। इंडिया को इससे चिप प्रोसेस स्टैंडर्ड, क्वालिटी कंट्रोल, यील्ड मैनेजमेंट जैसी चीजों में भारत को हैंड-होल्डिंग दे सकती हैं।

इसके अलावा, भारत में सेमीकंडक्टर मिशन को आगे बढ़ाने के लिए इंजिनियर्स की कमी है। ऐसे में मलेशिया इंजिनियर्स को ट्रेनिंग देकर भारत की मदद कर सकता है। सेमीकंडक्टर सेक्टर में किंग बनने के लिए इंडिया को सप्लाई चेन सपोर्ट सिस्टम को भी मजबूत करना होगा। मलेशिया सप्लाई चेन सिस्टम को मजबूती देते हुए भारत को चिप निर्माण में जरूरी केमिकल्स, सब्सट्रेट, टेस्टिंग इक्विपमेंट और लॉजिस्टिक्स प्रदान करेगा।

भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत पैदा हो सकती हैं सैंकड़ों नौकरियां

सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत को मजबूती देने के लिए मलेशिया काफी भरोसेमंद साथी साबित हो सकता है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत सैंकड़ों लोगों को इस फील्ड में रोजगार भी मिल सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, अगले 5 सालों में भारत में सेमीकंडक्टर बाजार में 8 से 10 लाख नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। इसमें 1.5–2 लाख लोगों को सीधे तौर पर सेमीकंडक्टर सेक्टर में जॉब मिलने का अनुमान है।

बता दें कि जैसे-जैसे भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर में आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस फील्ड में प्रोसेस इंजीनियर, इक्विपमेंट इंजीनियर, क्लीन-रूम टेक्नीशियन, क्वालिटी और यील्ड इंजीनियर, मेंटेनेंस और सेफ्टी स्टाफ की नौकरियां पैदा हो सकती है।

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