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OpenClaw AI ने आते ही मचाया कोहराम, क्या एआई की वजह से सॉफ्टवेयर कंपनियों को हो रहा नुकसान? चीन और साउथ कोरिया ने चेताया

OpenClaw AI

Photo Credit: Google

OpenClaw AI: एआई, जिसे नकली बुद्धिमत्ता भी कहते हैं। अब लोगों के साथ-साथ बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों को भी डराने का काम कर रहा है। दरअसल, एआई की मार्केट में एक नया एआई एजेंट आया है, नाम शायद आपको पता होगा, नहीं तो आप समझ गए होंगे कि हम ओपनक्लॉ एआई की बात कर रहे हैं। ऑस्ट्रियाई देश से संबंध रखने वाले रिसर्चर पीटर स्टीनबर्गर ने इसे डेवलेप किया है। ओपनक्लॉ एआई एजेंट टूल ने आते ही सैंकड़ों लोगों को अपना दीवाना बना लिया है।

क्या है OpenClaw AI?

आपकी जानकारी में इजाफा करने के लिए बता दें कि ओपनक्लॉ एआई एक ओपन सोर्स एआई एजेंट है। इसका मतलब है कि यह इंटरनेट पर खुले तौर पर उपलब्ध है, ऐसे में इसे कोई भी यूज कर सकता है। इस एआई टूल की कहानी काफी दिलचस्प है, नवंबर 2025 में Clawd/Clawdbot के नाम से शुरू हुआ फिर Moltbot और अब ओपनक्लॉ के नाम से तहलका मचा रहा है।

ओपनक्लॉ एआई की क्या हैं क्षमताएं

बता दें कि ओपनक्लॉ एआई सिर्फ काम नहीं करता, बल्कि काम को सही तरीके से करके देता है। अक्सर एआई एजेंट सिर्फ सवालों के जवाब देते हैं, मगर यह एआई टूल टास्क को प्रोग्रामेटिक तरीके से करता है, जैसे- फाइल ऑपरेशन और ईमेल मैनेजमेंट का काम। इसके अलावा, ओपनक्लॉ एजेंट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हॉटस्ऐप, टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के नाम शामिल है, जिनके साथ यह एकीकृत हो सकता है। यूजर्स इसे पर्सनल और टीम वर्कफ्लों को बनाए रखते हुए रोजाना के कामों को याद भी रख सकता है।

चीन और साउथ कोरिया ने जारी की चेतावनी

इसके आने के बाद चीन और दक्षिण कोरिया में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, चीन ने इस एआई एजेंट के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है। साथ ही इसके यूज को लेकर कमजोर सेफ्टी पर भी बल दिया है। इस टूल के जरिए बड़े स्तर पर कंपनियों का डेटा लीक और साइबर हमले हो सकते हैं। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया ने भी अपनी कई कंपनियों को इस एआई एजेंट के इस्तेमाल को सीमित करने की सलाह दी है।

साथ ही अपने देश की सभी आईटी और डेटा आधारित कंपनियों को इसका उपयोग नहीं करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। बता दें कि यह एआई एजेंट चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी की तरह सिर्फ सभी कमांड को पूरा नहीं करता, बल्कि कई ऑनलाइन सेवाओं से कनेक्ट होकर खुद ही काम को पूरा कर लेता है। वहीं, इस एआई एजेंट के आने के बाद कई सॉफ्टवेयर कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि अब निवेशक पुराने सॉफ्टवेयर की बजाय एआई एजेंट्स पर अधिक फोकस कर रहे हैं।

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