Semiconductor in India: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने चिप सेक्टर में भी उछाल लाने का काम किया है। यही वजह है कि भारत में सेमीकंडक्टर को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर नजर आ रही है। भारत के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते दिन एक बड़ी खुशखबरी साझा की। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जनवरी 2022 में लॉन्च किए गए सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश का पहला कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप प्लांट जल्द ही शुरू होने वाला है। इस जानकारी के सामने आते ही देश की चिप मेकिंग मार्केट में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
Semiconductor in India: केंद्रीय मंत्री ने दी खास जानकारी
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से आकार ले रहा है, जिसमें ग्लोबल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स देश में अपना ऑपरेशन शुरू कर रहे हैं और एक मजबूत मटेरियल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम उभर रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 10 सालों में 85000 लोगों को स्किल करने का टारगेट रखा था। मगर सिर्फ 4 सालों में ही 65000 लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ऐसे में भारत का सेमीकंडक्टर मिशन सही ट्रैक पर चल रहा है, बल्कि अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे भी है।’
भारत में सेमीकंडक्टर मार्केट की ग्रोथ से रोजगार और इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत में सेमीकंडक्टर मार्केट को गति मिलने से लाखों स्किल लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी जल्द ही कमर्शियल होने वाली सेमीकंडक्टर उत्पादन यूनिट्स 2030 तक भारत के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में रोजगार के नए मौके पैदा कर सकती है।
ऐसे में जहां एक तरफ लोगों के लिए रोजगार के नए मौके सामने आएंगे। वहीं, साथ ही सेमीकंडक्टर सेक्टर का उछाल देश की अर्थव्यवस्था को भी ऊपर लेकर जाने का काम कर सकता है। बताया जा रहा है कि सेमीकंडक्टर मार्केट में लगभग 90 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश आने वाला है। ऐसे में भारत को आर्थिक स्तर पर भी काफी फायदा होने मिलने का अनुमान है।





