Bengal Assembly Election 2026: वोटिंग से पहले बंगाल में यूसीसी पर छिड़ी जंग, नए बवाल के बीच टीएमसी-बीजेपी आमने सामने, जानें सबकुछ

Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एक अहम मुद्दा बनकर उभरी है।

Bengal Assembly Election 2026

फोटो क्रेडिट - AI जनरेटेड

Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में सियासी पारा सातवे आसमान पर है।  बीजेपी और टीएमसी आमने सामने है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एक अहम मुद्दा बनकर उभरी है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के सत्ता में आने पर इसे लागू करने का वादा किया है। तो  वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने एक संबोधन में कहा कि अगर उनकी सरकार आती है तो यूसीसी को खत्म कर देगी। इसके अलावा ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर भी जमकर हमला बोला है। बता दें कि Bengal Assembly Election 2026 को लेकर माहौल पूरी तरह से गरमा गया है। बता दें कि अप्रैल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग हो रही है। वहीं बीजेपी ने भी बंगाल में  पूरी तरह से कमर कस ली है।

Bengal Assembly Election 2026 में वोटिंग से पहले यूसीसी पर छिड़ी जंग

चुनावी जनसभा के दौरान यूसीसी पर छिड़ी जंग पर ममता बनर्जी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रया दी है। उन्होंने कहा कि “उन्होंने अपने घोषणापत्र में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) की बात की है… मैं इसका पुरजोर विरोध करूंगा।

आज वे बहुमत में हैं, इसलिए वे विधेयक पारित कर देंगे। कल जब वे बहुमत में नहीं होंगे, तो हम विधेयक रद्द कर देंगे… जब तक वे सत्ता में रहेंगे, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं हैं।” एसआईआर एक बड़ा घोटाला है। यह एसआईआर नहीं, बल्कि भाजपा को सत्ता में लाने का प्रयास है। यह नाम हटाने का घोटाला है। 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं।”

यूसीसी पर पीएम मोदी की दो टूक

मुर्शिदाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,

“देश की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। भाजपा बंगाल में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू करने और तुष्टीकरण की राजनीति को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है”। मालूम हो कि उससे पहले पश्चिम बंगाल में यूसीसी के लागू होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “सभी धर्मों के लोग भारत के नागरिक हैं।

क्या हर भारतीय नागरिक के लिए एक समान कानून बनाना तुष्टीकरण है, या फिर यह तुष्टीकरण है कि एक नागरिक को चार बार शादी करने की अनुमति है जबकि दूसरे को केवल एक बार? ममता जी जो चाहें कर सकती हैं; पूरे देश में—जहां भी भाजपा सत्ता में है—यूसीसी निस्संदेह लागू होगा।”

 

Exit mobile version