India-EU FTA Deal: भारत और यूरोप के बीच आज एफटीफ यानि फ्री ट्रेड डील को लेकर सहमति बन सकती है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों को जबरदस्त फायदा मिल सकता है। गौरतलब है कि बता दें कि 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सला वॉन डेर लेयन और यूरोपीय आयोग (ईसी) के अधिकारियों को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था, जहां उन्होंने समारोह में हिस्सा भी लिया। हालांकि भारत और यूरोपीय संघ ने आधिकारिक तौर पर 2007 से ही मुफ्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू हुई थी। वहीं यह अमेरिका की ट्रंप टैरिफ की काट मानी जा रही है। आईए समझते है इसके मायने।
India-EU FTA Deal को लेकर सुगबुगाहट तेज
मालूम हो कि भारत और यूरोप आज यानि 27 जनवरी को एफटीए पर हस्ताक्षर कर सकते है। सबसे खास बात है कि इस डील के बाद भारत को लगभग 27 देशों में बिना शुल्क के कारोबार करने की छूट मिल जाएगी। अगर निर्यात की बात करें तो भारत ईयू को पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और रसायन, कपड़ा और तैयार परिधान, मशीनरी और बिजली का उपकरण, लोहा, स्टील और बेस मेटल्स, चमड़ा उत्पाद और फुटवियर. रत्न, आभूषण और समुद्री उत्पाद. इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात करता है।
इसके अलावा भारत ईयू से मशीनरी और उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स और रसायन, विमान और उनके पुर्जे, ऑटोमोबाइल और उनके पुर्जे, प्लास्टिक उत्पाद. चिकित्सा उपकरण और औद्योगिक उपकरण, वाइन स्पिरिट्स और डेयरी उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल है। यह गलन गलत नहीं होगा कि इस डील भारत की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बढ़ोतरी तो मिलेगी ही, साथ ही यूरोप को भी इससे फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
क्या भारत ने ट्रंप टैरिफ की निकाली काट?
मालूम हो कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत ने 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया था, जिसकी वजह से भारत को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं अगर भारत और एफटीए के बीच डील हो जाती है, तो भारत 27 देशों के साथ फ्री में निर्यात करेगा जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पीएम मोदी ने भी इसे लेकर अहम जानकारी देते हुए कहा कि इस कदम से विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता “वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई” है। यानि यह साफ है कि इस डील से अर्थव्यवस्था को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है।





