कल का मौसम 10 Feb 2026: देशभर में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने जा रहा है। दरअसल पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से, 9 से 11 फरवरी के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा/हिमपात होने की संभावना है। जिसकी वजह से कई जगहों पर तेज हवाओं, घने कोहरे और भयंकर बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं मैदानी इलाकों में भी मौसम का आंख मिचौली जारी है। दिल्ली में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। हालांकि दोपहर के वक्त हल्की धूप निकलने से दिल्लीवासियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई जगहों पर विभाग ने घने कोहरे और तेज हवाओं का अलर्ट जारी कर दिया है। चलिए आपको बताते है कि कल का मौसम 10 Feb 2026 कैसा रहने वाला है।
पहाड़ों बर्फीले तूफान, तेज हवाओं का अलर्ट जारी – कल का मौसम 10 Feb 2026
आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से, 9 से 11 फरवरी के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में छिटपुट से लेकर छिटपुट वर्षा/बर्फबारी की संभावना है और अगले 7 दिनों के दौरान देश के शेष हिस्सों में मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है। 9 से 11 फरवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट से लेकर छिटपुट वर्षा/बर्फबारी की संभावना है और 14 और 15 फरवरी को भी इसी क्षेत्र में छिटपुट वर्षा/बर्फबारी की संभावना है।
10 फरवरी को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद में छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा/बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है और हिमाचल प्रदेश में भी छिटपुट से लेकर छिटपुट वर्षा/बर्फबारी की संभावना है।
न्यूनतम तापमान में लगभग 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में लगभग 2-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा। मध्य भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में लगभग 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के दो दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा।






