America-Iran War के बीच पाकिस्तान के लिए गले की फांस बना विदेशी कर्ज! चीन के बाद UAE ने दी भुगतान की चेतावनी; टेंशन में PM शहबाज

America-Iran War के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान को दिए गए 3.5 अरब डॉलर अमेरिकी कर्ज का भुगतान करने की बात कही है। महंगाई के साथ आर्थिक तंगी की मार झेल रहे पाकिस्तान के लिए ये बड़ा झटका है।

America-Iran War

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

America-Iran War: युद्ध पश्चिम एशिया में छिड़ा है और इसका दंश पाकिस्तान झेल रहा है। बेतहाशा महंगाई के बीच पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। विदेशी कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तानी हुकूमत को दिए गए 3.5 अरब डॉलर कर्ज का त्वरित भुगतान करने की बात कही है।

अमेरिका-ईरान वॉर के बीच विदेशी कर्ज पाकिस्तान के लिए गले की फांस बन गया है। यूएई से पहले चीन ने पाकिस्तान को बकाया बिजली बिल का भुगतान करने की चेतावनी दी थी। वैश्विक मंच पर हो रही फजीहत और बढ़ते कर्ज के बोझ ने पीएम शहबाज शरीफ की चिंता बढ़ा दी है। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे पाकिस्तान का अगला कदम क्या होगा इस पर सबकी नजरें टिकीं हैं। 

पश्चिम एशिया में छिड़े America-Iran War के बीच पाकिस्तान को चेतावनी!

संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने की चेतावनी दी है। दरअसल, अमेरिका-ईरान वॉर के कारण यूएई अपने फंड्स इकट्ठा कर रहा है। इसी क्रम में मुल्क ने पाकिस्तान को दिए गए 3.5 अरब डॉलर का कर्ज भी वापस मांग लिया है। यूएई की ओर से ये फंड पाकिस्तान को ‘भुगतान संतुलन’ बनाए रखने के लिए दिया गया था। हालांकि, अब स्थिति सामान्य नहीं है।

अमेरिका-ईरान वॉर के कारण खाड़ी मुल्क भी प्रभावित हुए हैं। संयुक्त अरब अमीरात भी युद्ध की दंश से अछूता नहीं रहा है। यही वजह है कि यूएई द्वारा 3.5 अरब डॉलर का फंड वापस मांग लिया गया है। खबरों की मानें तो पाकिस्तान इस माह के अंत तक अबू धाबी को 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर की राशि लौटा देगा। इससे देश पर वित्तिय बोझ बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

चीन भी दे चुका है बकाया भुगतान की धमकी!

यूएई से पहले चीन भी पाकिस्तान को बकाया भुगतान करने की धमकी दे चुका है। चीनी कंपनी द्वारा संचालित यूनाइटेड एनर्जी पाकिस्तान (UEP) पर पाकिस्तानी हुकूमत द्वारा 220 मिलियन डॉलर यानी करीब 20250 करोड़ रुपए की देनदारी है। इसको लेकर चीन की ओर से बीते दिनों बकाया भुगतान करने की धमकी दी गई थी।

भुगतान न होने की स्थिति में पाकिस्तान में ऊर्जा संकट पैदा होने की आशंका व्यक्त की गई है। साथ ही पाकिस्तान पर फॉरेन इनवेस्टमेंट से हाथ धोने का खतरा भी मंडरा रहा है। जहां एक ओर मुल्क अमेरिका-ईरान वॉर के बीच अंदरखाने आर्थिक तंगी की मार झेल रहा है। वहीं दूसरी ओर बढ़ता कर्ज का बोझ पीएम शहबाज की चिंता और बढ़ा रहा है।

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