US-Iran War Ceasefire: दुनिया पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध पर लगे विराम से राहत की सांस ले रही है। हालांकि, लेबनान पर अभी भी खतरों के बादल मंडरा रहे हैं। ताजा प्रकरण इजरायल की ओर से जारी एक बयान से जुड़ा है। दरअसल, पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि युद्धविराम में लेबनान नहीं शामिल है। ऐसे में संभव है कि इजरायली सेना निकट भविष्य में लेबनान पर और हमला करे। यूएस-ईरान वॉर सीजफायल ऐलान के बीच इजरायल के तल्ख रुख ने हिजबुल्लाह की नींदे उड़ा दी हैं। इजरायल का ये स्टैंड पाकिस्तानी प्रस्ताव से विपरीत है।
PM नेतन्याहू का रुख देख उड़ी हिजबुल्लाह की नींद
लेबनान के लड़ाकू संगठन हिजबुल्लाह की नींद इजरायल के तल्ख रुख के कारण उड़ चुकी है।
इजरायली पीएम के कार्यालय से युद्धविराम के संदर्भ में एक बयान जारी किया गया है। इजरायल ने यूएस-ईरान वॉर सीजफायर पर डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन किया है। इसके तहत इजरायल अगले 2 सप्ताह तक ईरान पर हमला नहीं करेगा। हालांकि, लेबनान पर इजरायल की नजरें तिरछी हैं। इजरायल ने साफ कहा है कि युद्धविराम समझौते में लेबनान शामिल नहीं है। ऐसे में ये संभव है कि इजरायल आने वाले दिनों में लेबनान में हमला करे। इसी आशंका को लेकर हिजबुल्लाह की नींदे उड़ी हैं और खतरों के बादल मंडरा रहे हैं।
पाकिस्तानी पीएम को इजरायल का करारा झटका!
ये इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान ने युद्धविराम समझौते के दौरान पूरे मिडिल ईस्ट को इसमें शामिल करने की बात कही थी। पीएम शहबाज शरीफ का प्रस्ताव था कि युद्धविराम समझौता पश्चिम एशिया पर लागू हो। ऐसे में कोई देश किसी अन्य देशों पर निशाना न साधें। हालांकि, इजरायल ने विपरीत स्टैंड लेते हुए पाकिस्तानी पीएम को झटका दे दिया है। एक ओर पाकिस्तान जहां पूरे मिडिल ईस्ट में सीजफायर की वकालत कर रहा है। वहीं इजरायल ने लेबनान को इससे दूर रखा है। ये पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।






