Bangladesh Elections 2026: जेन-जी और महिला वोटर्स पर टिकीं नजरें! पोलिंथ बूथ पर लंबी कतार देख गदगद तारिक रहमान, किसे मिलेगी सत्ता?

Bangladesh Elections 2026: ढ़ाका से सिलहट, राजशाही समेत मुल्क के विभिन्न हिस्सों में मतदान का दौर जारी है। पोलिंग बूथों पर जेन-जी और महिला वोटर्स की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि ढ़ाका की सत्ता कौन संभालेगा।

Bangladesh Elections 2026: तमाम सियासी उठा-पटक के बीच आज अंतत: बांग्लादेश में मतदान का दौर जारी है। ढ़ाका से सिलहट, चिटगांव, राजशाही समेत अन्य सभी जगहों पर बने पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कतार लगी है। इन सबके बीच पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे जेन-जी वोटर्स और महिलाओं पर सबकी नजरें। कयासों के मुताबिक जेन-जी वोटर्स और महिलाएं ही बांग्लादेश इलेक्श 2026 का रुख तय करेंगी।

तख्तापलट के बाद हो रहे पहले चुनाव में भारी संख्या में मतदाताओं को देख तारिक रहमान जिया गदगद नजर आ रहे हैं। बांग्लादेशी नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी नेता को पूर्ण विश्वास है कि ढ़ाका की कमान जनता उन्हें ही सौंपेगी। हालांकि, सत्ता की शीर्ष पर कौन बैठेगा ये चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ स्पष्ट होगा।

जेन-जी और महिला वोटर्स पर टिकीं नजरें! – Bangladesh Elections 2026

ढ़ाका से सिलहट, राजशाही समेत अन्य तमाम शहरों में पोलिंग बूथों पर महिलाएं नजर आ रही हैं। महिलाओं का यूं बढ़-चढ़कर बांग्लादेश चुनाव 2026 में हिस्सा लेना कई संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है। तारिक रहमान, शफीकुर रहमान समेत तमाम नेताओं की नजरें महिला वोटर्स पर टिकीं हैं। 6.28 करोड़ महिलाएं जिसे अपना मत देंगी, उनकी सियासी संभावनाएं मजबूत होंगी।

इतना ही नहीं, जेन-जी वोटर्स भी बांग्लादेश इलेक्शन 2026 में निर्णायक साबित होने वाले हैं। अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने वाले जेन-जी मतदाताओं का समर्थन जिस दल को भी मिलेगा, उनकी संभावनाएं मजबूत होंगी। पोलिंग बूथों पर लंबी कतार देख बांग्लादेशी सियासी टिप्पणीकार हैरान हैं। चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ ही स्पष्ट हो सकेगा कि जेन-जी और महिलाओं का समर्थन किसे मिला है।

पोलिंथ बूथ पर लंबी कतार देख गदगद तारिक रहमान!

आम चुनाव में दो नेता आमने-सामने हैं। तारिक रहमान जिया की पार्टी बीएनपी और शफीकुर रहमान की पार्टी जमात-ए-इस्लामी सीधी टक्कर में है। बीएनपी जहां एक ओर 10 छोटे-बड़े राजनीतिक दलों का नेतृत्व कर रही है। वहीं जमात-ए-इस्लामी पार्टी के बैनर तले 11 छोटे-बड़े दल चुनावी मैदान में है। कुल 300 सीटों पर हो रहे आम चुनाव में जिस गठबंधन को 151 या अधिक सीटें मिलेंगी, सत्ता की शीर्ष पर वही बैठेगा।

लंबे प्रवास के बाद लंदन से ढ़ाका लौटे बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान जिया को पूर्ण विश्वास है कि सत्ता उन्हें मिलेगी। यही वजह है कि भारी संख्या में मतदाताओं को चुनाव में शामिल होते देख वे गदगद हैं। उन्हें लगता है कि मतदाता अंतरिम सरकार से खिन्न होकर बीएनपी गठबंधन को बहुमत देगा। हालांकि, सत्ता का ऊंट किस करवट जाएगा ये चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सबकी नजरें मतदान पर टिकीं हैं जिसके बाद मतगणना का दौर शुरू होगा।