Donald Trump: एक तरफ जहां अमेरिका के संसद में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ बिल पास हो गया है। लेकिन दूसरी तरफ Donald Trump रूस से चुपके-चुपके रूस के साथ एक बड़ी डील करके बैठे है। जिसके बाद एक सवाल उठना शुरू हो गए है कि क्या एक तरफ ट्रंप रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की सोच रहे है तो वहीं दूसरी तरफ वह यूरेनियम की डील रूस से कर रहे है। चलिए आपको बताते है कि क्या है पूरा माजरा।
अमेरिका का दोहरा चरित्र आया सामने
एक तरफ रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। जिसमे भारत भी शामिल है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका रूस के साथ चुपके से डील करने में भी लगा हुआ है। बुधवार को US हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स से मंज़ूरी पाने वाले ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026’ के तहत, राष्ट्रपति Donald Trump को उन देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है जो रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदना जारी रखते हैं या मॉस्को को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं।
अमेरिका और रूस के बीच हुई बड़ी डील!
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से यूरेनियम के आयात पर मौजूदा पाबंदियां लागू करनी होंगी, जिसमें रोसाटॉम स्टेट एटॉमिक एनर्जी कॉर्पोरेशन और उसकी सहायक कंपनियों से सप्लाई किया जाने वाला यूरेनियम भी शामिल है।
साथ ही, बिल के एक और हिस्से में कहा गया है कि ये पाबंदियां अमेरिका-रूस के बीच नागरिक परमाणु सहयोग समझौतों के तहत की जाने वाली गतिविधियों या परमाणु रिएक्टरों में इस्तेमाल होने वाले कम-संवर्धित यूरेनियम (low-enriched uranium) के कुछ खास तरह के आयात पर लागू नहीं होंगी। जिसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका का दोहरा चरित्र सामने आ चुका है।
