‘उनके सभी जहाज़ समुद्र की तलहटी में डूबे…’ Donald Trump के ऐलान से दुनिया में हड़कंप, क्या तबाह हो जाएगा ईरान, समझे इसके मायने

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप के चौंकाने वाले बयान से मचा वैश्विक हड़कंप—ईरान के जहाज़ डूबने के दावे के पीछे क्या है सच्चाई? जानें इस बयान के मायने, बढ़ते तनाव और दुनिया पर इसके संभावित असर।

Donald Trump

फाइल फोटो

Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। बता दें कि ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए कुछ शर्ते रखी गई थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की तरफ से इसे सिरे से नकार दिया गया। वहीं अब ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दे दी है, साफ शब्दों में कहा है कि हम ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं होने देंगे।

जिसके बाद कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए है कि क्या अमेरिका ईरान को तबाह करने का मन बना चुका है। और अगर ऐसा होता है तो क्या ईरान की बर्बादी तय है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

Donald Trump ने ईरान को दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने एक संबोधन में कहा कि “आप ईरान को परमाणु हथियार नहीं दे सकते। क्योंकि वे इसका इस्तेमाल बहुत जल्द इज़राइल में करेंगे, मध्य पूर्व में करेंगे और यूरोप में भी करेंगे। और मुझे लगता है कि अगला नंबर हमारा होगा, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। उनके पास 159 जहाज़ हैं। इस समय उनके सभी जहाज़ समुद्र की तलहटी में डूबे हुए हैं”।

जिसके बाद कई तरह के सवाल उठ रहे है कि क्या अमेरिका का ईरान पर यह आखिरी हमला होगा और क्या ईरान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। हालांकि यह बात जितनी कहने में आसान लगती है, उतनी आसान है नही।

वे तबाह हो रहे है – Donald Trump

“शेयर बाजार अपने उच्चतम स्तर पर है। तेल की कीमतें बहुत कम थीं। मैंने कहा, हमें ईरान नामक एक खूबसूरत देश की यात्रा करनी होगी, और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास परमाणु हथियार न हों।  मध्य पूर्व टुकड़े-टुकड़े हो गया होता। मुझे लगता है कि यूरोप भी टुकड़े-टुकड़े हो गया होता।

वे तबाह हो रहे हैं। उनके पास न नौसेना है, न वायु सेना उनके सभी नेता जा चुके हैं।  वे बहुत बुरे लोग थे। उन्होंने 42,000 प्रदर्शनकारियों को मार डाला।” वहीं अगर युद्ध होता है तो सिर्फ ईरान ही दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी के दामों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है, जिसमे भारत भी शामिल है।

 

 

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