Donald Trump: नया साल शुरू होते ही दुनिया के कई देशों में उथल-पुथल शुरू हो गई है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेशों पर सैनिकों ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। अब डोनाल्ड ट्रंप ने 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर होने का फैसला किया है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने रूस का ऑयल टैंकर को रोककर कब्जा कर लिया है।
साथ ही ट्रंप ने नाटो देशों को भी खुली धमकी दी है कि वह नाटो से बाहर हो जाएंगे। इन सभी गतिविधियों को देखते हुए कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या अमेरिका तबाही मचाने जा रहा है। क्योंकि जिस तरह से ट्रंप फैसले ले रहे है, आने वाले समय में यह घातक साबित हो सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या भारत की भी मुश्किलें बढ़ने वाली है।
60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर होगा अमेरिका
भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले सोलर अलायंस सहित 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अमेरिका अब अलग हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक मेमोरेंडम पर साइन किए। इंटरनेशनल सोलर अलायंस, इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर और इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज जैसे प्रमुख पर्यावरण निकाय शामिल हैं।
वहीं अगर गैर-संयुक्त राष्ट्र निकायों की बात करें तो इंटरनेशनल एनर्जी फोरम, इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी, पार्टनरशिप फॉर अटलांटिक कोऑपरेशन समेत कई अन्य फोरम शामिल है। गौरतलब है कि अब अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कह रहा है। यूरोप के कई देशों ने विरोध किया। जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को धमकी देते हुए कहा कि वह नाटो की सदस्यता से बाहर हो जाएगा।
Donald Trump के फैसले से क्या भारत की बढ़ सकती है मुश्किलें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसे फैसले ले रहे है, जिससे दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ सकती है। जिसमे भारत भी शामिल है। मालूम हो कि अमेरिका ने भारत पर पहले ही 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा चुके है। वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक विधेयक पर हस्ताक्षर किया है। जिसमे रूस से तेल खरीदने वालो पर अमेरिका 500 प्रतिशत टैरिफ लग सकता है। इसके अलावा भी कई मुद्दों पर भारत की चिंता बढ़ सकती है। वहीं अब देखना होगा कि विश्व में हो रही गतिविधियों पर भारत का क्या प्लान रहता है।






