Epstein Files: मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर अनुराग कश्यप का एपस्टीन फाइल्स में नाम आने से पूरे बी-टाउन में बवाल मच गया है। फर्स्ट पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक जेफरी एपस्टीन को भेजे एक ईमेल में अनुराग कश्यप का नाम शामिल है। मालूम हो कि न्याय विभाग (डीओजे) द्वारा 30 जनवरी को 30 लाख से अधिक दस्तावेज़ जारी करने के बाद उनका नाम सामने आया। हालांकि यह अनुराग कश्यप की उपस्थिति की पुष्टि या खंडन नहीं करता है। उन्हें केवल ऐसे आयोजनों में लोकप्रिय हस्तियों या अपेक्षित मुख्य वक्ताओं में से एक के रूप में संदर्भित किया गया है। वहीं अब इस खबर के बाद बॉलीवुड में बवाल मच गया है, साथ ही इंटरनेट पर यूजर्स अपनी अलग-अलग राय दे रहे है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Epstein Files में अनुराग कश्यप के नाम से मचा भारी बवाल
गौरतलब है कि एपस्टीन फाइल्स पर पूरी दुनिया में बवाल मचा हुआ है। इसी बीच अब बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर अनुराग कश्यप का नाम सामने आया है। हालांकि अभी तक इस बात की कोई अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। गिनो नाम के एक व्यक्ति ने कश्यप का ज़िक्र बॉलीवुड निर्देशक के रूप में किया, जो शंघाई में एक कार्यक्रम में आने वाले ‘शानदार लोगों’ में से एक थे।
बताते चले कि अनुराग कश्यप को बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक माना जाता है। उन्होंने चोक्ड, लस्ट स्टोरीज, राघव 2.0, बॉम्बे टॉकीज, गुलाला, देव डी, नो स्मोकिंग और ब्लैक फ्राइडे जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्देशन किया है। वहीं अब इस मामले में यूजर्स भी जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है।
एपस्टीन फाइल्स पर यूजर्स दे रहे है प्रतिक्रिया
बता दें कि एपस्टीन फाइल्स में अनुराग कश्यप के नाम आने से पूरे बॉलीवुड में सनसनी मच गई है। अब इस मामले पर यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। एक यूजर्स ने लिखा कि
Ok..I was 100 % sure of his name in such activities
— EXCLUSIVE ON 🇮🇳 (@DeweshP) February 4, 2026
“ठीक है, मुझे इन गतिविधियों में उनके नाम के बारे में 100% यकीन था”। एक और यूजर ने लिखा कि
Iski toh umeed bhi thi 😅
— INDIAN LAD (@Dhruvarya10) February 4, 2026
“इसकी तो उम्मीद भी थी”। मालूम हो कि एपस्टीन फाइलें अमेरिकी फाइनेंसर और बाल यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन और उनके सहयोगियों की आपराधिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण देने वाले दस्तावेजों का संग्रह हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान, यह डोनाल्ड ट्रम्प का विचार था।





