United Nations: विदेशी सरजमी पर फिर एक बार पाकिस्तान की भद्द पिटी है। स्थान है न्यूयॉर्क जहां स्थित यूनाइटेड नेशंस में भारत ने पड़ोसी मुल्क के स्थायी प्रतिनिधि के समक्ष आतंकवाद पर उन्हें घेरा है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के बाद नई दिल्ली का धैर्य समाप्त हुआ और सिंधु जल संधि रद्द हो गई।
दरअसल, पाकिस्तान ने यूनाइटेड नेशंस में सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाकर मानवता के आधार पर अपनी दाल गलाने की कोशिश की थी। हालांकि, भारतीय स्थायी प्रतिनिधि ने लगे हाथों पड़ोसी मुल्क के मुंह पर करारा तमाचा जड़ते हुए उन्हें सबक सिखाया है। इसके साथ ही पाकिस्तान का विक्टिम कार्ड धरा का धरा रह गया है और मुल्क की फजीहत हुई है।
वैश्विक मंच United Nations में पाकिस्तान को भारत की दो टूक!
पड़ोसी मुल्क ने सिंधु जल संधि का जिक्र कर यूनाइटेड नेशंस में भारत को घेरने को कोई कोशिश नहीं छोड़ी है। हालांकि, उन्हें निराशा हाथ लगी है। भारतीय स्थायी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में ही पड़ोसी मुल्क को आईना दिखाते हुए उन्हें आंतकवाद के मुद्दे पर घेर लिया है। हरीश पर्वतनेनी ने यूएन में सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों का जिक्र किया।
भारतीय प्रतिनिधि की ओर से साफ तौर पर कहा गया कि पाकिस्तान ने भारत पर तीन युद्ध और हजारों आतंकी हमले करके संधि का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी हमलों में निर्दोष भारतीय मारे गए हैं। ऐसे में सिंधु जल संधि के रद्द होने का कारण पाकिस्तान खुद है। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को ‘आतंकवाद का केंद्र कहते हुए मुल्क की क्लास लगाई है।
फेल हुआ सिंधु जल संधि रूपी विक्टिम कार्ड!
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में सिंधु जल संधि रूपी विक्टिम कार्ड खेलने की पूरी कोशिश की। पाकिस्तान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए पानी को एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कही। पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि के बहाने भारत को मानवता के आधार पर घेरने का काम किया। हालांकि, उनकी ये दाल भी नहीं गली और उन्हें फजीहत होना पड़ा।
भारतीय प्रतिनिधि ने यूएन में साफ कर दिया कि सिंधु जल संधि रद्द होने का कारण पाकिस्तान ही है। भारत का साफ कहना है कि खून और पानी दोनों एक साथ नहीं बह सकते। यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की फिर भद्द पिटी है और पीएम शहबाज के साथ आसिम मुनीर भी इस बेइज्जती के बाद मुंह छिपाए फिर रहे हैं।






