India-US Trade Deal से खुलेगा आर्थिक तरक्की का नया अध्याय, अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद खास, जानें सबकुछ

India-US Trade Deal पर जल्द मुहर लग सकती है। समझौते से भारतीय अर्थव्यवस्था, निवेश, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

India-US Trade Deal

फाइल फोटो

India-US Trade Deal: बता दें कि बीते कई महीनों से भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। हालांकि अभी बात बनी नहीं है। वहीं अब एक बार फिर यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर भारत पहुंचे और दोनों देशों के अधिकारियों के साथ बैठ हुई है।

इस मामले में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। माना जा रहा है कि इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है। टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, आईटी सेवाओं और कृषि उत्पादों की अमेरिकी बाजार में पहुंच और मजबूत हो सकती है। इससे भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और विदेशी मुद्रा आय में बढ़ोतरी होगी।

India-US Trade Deal पर जल्द लग सकती है मुहर

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। वहीं अब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “आज सुबह अमेरिकी एम्बेसडर जेमिसन ग्रीर और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकों का दौर पूरा हुआ।

हमने भारत-अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता की प्रगति की समीक्षा की और अपनी आर्थिक साझेदारी को और मज़बूत करने के तरीकों पर चर्चा की। मैं एम्बेसडर ग्रीर के नेतृत्व और दोनों टीमों की लगातार कोशिशों की सराहना करता हूँ, जिन्होंने हमारी बातचीत को रचनात्मक और भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ाया है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील साबित होगा गेमचेंजर

माना जा रहा है कि India-US Trade Deal भारत के लिए कई मायनों में एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। अगर ये डील हो जाती है कि सबसे ज्यादा लाभ भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है। साथ टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, आईटी सेवाओं और कृषि उत्पादों की अमेरिकी बाजार में पहुंच और मजबूत हो सकती है।

इसके अलावा ट्रेड डील के बाद निवेश में भी बड़ी उछाल देखने को मिल सकता है। भारत पहले से ही दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के लिए एक प्रमुख निवेश वाली जगह बनकर उभरा है। माना जा रहा है कि इस डील से विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में अरबों डॉलर का निवेश आने की संभावना है।

हालांकि कई बार अभी तक बैठक हो चुकी है और अभी तक ट्रेड डील पर मुहर नहीं लगी है। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार डील होती है या नहीं।

 

 

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