Iran Protests: नया साल शुरू हुए अभी केवल 10 दिन ही हुआ है और पूरे विश्व में बवाल मच गया है। एक तरफ वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन हो चुका है, तो वहीं दूसर तरफ ईरान के लोगों ने वहां के सुप्रीम लीडर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ईरान में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। आंदोलन लगातार उग्र हो रहा है। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि इन सबके बीच रूस और ईरान ने संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। तो दूसरी तरफ अमेरिका ने मीडिल ईस्ट में भेज दिया है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या तीसरा विश्व युद्ध शुरू होने जा रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़े सभी जरूरी अपडेट।
रूस- ईरान के संयुक्त सैन्य अभ्यास से हलचल तेज
अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला में किए गए सैन्य हस्तक्षेप और कई तेल टैंकरों को जब्त किए जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है, ऐसे में चीनी, रूसी और ईरानी युद्धपोत एक सप्ताह के नौसैनिक अभ्यास के लिए दक्षिण अफ्रीकी जलक्षेत्र में पहुंच गए हैं। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। गौरतलब है कि अमेरिका ईरान को लेकर धमकी दे रहा है।
जिसके बाद रूस, ईरान और चीन एक साथ आ गए है। एक्सपर्ट का मानना है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के हमले के बाद से ही दुनिया के कई देशों में तनाव बढ़ गया है। इसके अलावा ईरान में स्थिति लगातार खराब हो रही है। जिसका जिम्मेदार अली खामेनेई ने अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप को बताया है।
मीडिल ईस्ट में पहुंचा अमेरिका का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान
The Battlefield नाम के एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया गया है। दी जानकारी के अनुसार
अमेरिकी वायु सेना का सी-17 “ग्लोबमास्टर” सैन्य परिवहन विमान जर्मनी से मध्य पूर्व की ओर उड़ान भर रहा है। इस गतिविधि से संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहा है।
इसी के अनुरूप, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारी मालवाहक विमानों का उपयोग करके मध्य पूर्व में स्थित अपने ठिकानों पर गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपकरण तेजी से पहुंचाना शुरू कर दिया है। इसी बीच, फारस की खाड़ी के ऊपर अमेरिकी केसी-135 एयर टैंकरों की बढ़ती गतिविधि देखी जा रही है, जिसका उपयोग ईरान पर संभावित हमलों की तैयारी में अमेरिकी विमानन के सिमुलेशन अभ्यासों से जुड़ा हो सकता है।






