Iran-US Conflict: दिसंबर का वो आखिरी सप्ताह, जब ईरानी आवाम सड़कों पर उतरी तब महंगाई के खिलाफ नारे लग रहे थे। धीरे-धीरे मानों प्रदर्शन हाईजैक हो गया और सरकार विरोध में नारेबाजी शुरू हुई। इतना ही नहीं, तेहरान से लेकर अन्य तमाम प्रमुख शहरों में जमकर हिंसा भी हुई जिसकी चपेट में आने से हजारों लोगों की मौत हुई। इसके बाद अमेरिका की दखल देखने को मिली और धीरे-धीरे ईरान-अमेरिका आमने-सामने आ गए।
अब खबर है कि ईरानी हुकूमत खामेनेई के कट्टर विरोधी और मौलवी शासन के खिलाफ प्रदर्शन भड़काने वाले इरफान सुल्तानी को आज फांसी दे सकती है। यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका शांत नहीं बैठेगा। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को मदद का आश्वासन देते हुए सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की नसीहत दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जो लोग प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतार रहे हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। व्हाइट हाउस भी इसको लेकर सजग है।
खामेनेई विरोधी सुल्तानी को फांसी देते ही बढ़ेंगी हुकूमत की मुश्किलें
खबर है कि ईरानी हुकूमत आज सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के कट्टर विरोधी 26 वर्षीय इरफान सुल्तानी को फांसी दे सकती है। इसकी मदद से ये संकेत देने की कोशिश की जा सकती है कि जो हुकूमत के खिलाफ गया उसकी सजा मौत है। हालांकि, ऐसा करना खामेनेई की मुश्किलें बढ़ा सकता है। दरअसल, सुल्तानी पर मोहरेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने) का आरोप है। ईरान में इसकी सजा मौत होती है। सुल्तानी फिलहाल हुकूमत की कैद मे हैं।
जानकारी के मुताबिक ईरानी प्रशासन ने इरफान सुल्तानी के परिजनों को इतल्ला कर दिया है कि उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है जिस पर 14 जनवरी को अमल किया जाएगा। ऐसे में आज ही सुल्तानी को फांसी दिए जाने की संभावना है। ऐसा कर जहां ईरानी हुकूमत प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश कर सकती है, तो वहीं उनकी मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में ईरान पर नजर जमाए बैठा अमेरिका मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाकर मुल्क में तबाही मचा सकता है।
ईरानी हुकूमत को व्हाइट हाउस का तल्ख संदेश
अमेरिकी व्हाइट हाउस ईरान में जारी उठा-पटक को लेकर बेहद गंभीर है। सुनसान पड़ी तेहरान की सड़कें अमेरिका को कचोट रही हैं। द गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमला करने के पक्ष में है। हालांकि, व्हाइट हाउस के तमाम शीर्ष अधिकारी, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और मार्को रुबियो बातचीत से मसले का हल निकालने को इच्छुक हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस का साफ कहना है कि ईरान को बातचीत के लिए एक मौका देना चाहिए। यदि खामेनेई की हुकूमत ऐसा करने में अक्षम रहती है, तब अमेरिका सैन्य कार्रवाई को रफ्तार दे सकता है। व्हाइट हाउस का ये तल्ख संदेश बताता है कि ईरान में जारी उठा-पटक पर अमेरिका क्या तैयारी कर रही है। निकट भविष्य में ये देखना दिलचस्प होगा कि ईरान-अमेरिका में जारी जुबानी जंग का अंजाम क्या होता है।






