DNP India Hindi

Iran US War: एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ क्रूज, पनडुब्बी! मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ताकत देख युद्ध की आशंका, निशाने पर खामेनेई? 

Iran US War

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Iran US War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका बड़े महीनी के साथ अपनी तैयारियों को रफ्तार दे रहा है। धीरे-धीरे अमेरिकी सेना ईरान के तट तक एयरक्राफ्ट कैरियर के साख क्रूज और पनडुब्बियां पहुंचा रही है। खबरों की मानें तो अमेरिका की ये तैयारी एक बड़े तूफान का संकेत है। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ताकत युद्ध की आशंका बढ़ा रही है।

तमाम मीडिया रिपोर्ट ये साफ कर चुके हैं कि अमेरिका के निशाने पर ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई हैं। यही वजह है कि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के फरमान पर टिकीं हैं। डोनाल्ड ट्रंप आगे अपनी सेना को क्या निर्देश देते हैं इसी बात पर अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका टिकी है।

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ताकत देख युद्ध की आशंका

अमेरिका की तैयारी धीरे-धीरे पूरी होने को है। खबर है कि इस सप्ताह के आखिरी तक अमेरिकी सेना ईरान पर हमला कर सकती है। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मिडिल ईस्ट में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ क्रूज और पनडुब्बी पहुंच चुके हैं। इससे पूर्व अमेरिकी आधुनिक फाइटर जेट्स के ईरान की घेराबंदी करने की खबर भी मिल चुकी है।

अमेरिकी एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर भी मिडल ईस्ट की ओर जाते देखे गए हैं। ये सारे समीकरण दर्शाते हैं कि कैसे डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशानुसार धीरे-धीरे अमेरिकी सेना युद्ध की तैयारियों पर जोर दे रही है। अमेरिका की योजना लंबी है। अंदरखाने कुछ तो पक रहा है जिसका खामियाजा ईरान को भुगतना पड़ सकता है। ये सभी पहलु ईरान-अमेरिका युद्ध की आशंका को बढ़ा रहे हैं।

अमेरिकी सेना के निशाने पर अली खामेनेई?

ये लगभग जगजाहिर है कि अमेरिकी सेना के निशाने पर ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई हैं। तेहरान में मौलवी शासन के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को भी इसी क्रम में अमेरिका का साथ मिला था। अमेरिका ईरान में लोकतंत्र की बहाली का समर्थक है। यही वजह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अली खामेनेई को चेतावनी दे रहे हैं।

आसार जताए जा रहे हैं कि यदि बातचीत नहीं बनी, तो अमेरिका आगे बड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इस दौरान अली खामेनेई के साथ उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई को भी सेना निशाने पर ले सकती है। यदि ऐसा हुआ तो मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का दौर देखने को मिलेगा जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। फिलहाल डोनाल्ड ट्रंप के अंतिम निर्देश पर सबकी नजरें टिकीं हैं।

Exit mobile version