Donald Trump: दुनिया में अपना प्रभुत्व नए सिरे से काबिज रखने को बेताब अमेरिकी राष्ट्रपति तरह-तरह के पैतरे आजमा रहे हैं। मसलन कभी ईरान को धमकी दे दी, तो कभी वेनेजुएला पर कब्जा जमा लिया। अब इसी क्रम में डोनाल्ड ट्रंंप ने दुनिया की एक और महाशक्ति और अपने पुराने प्रतिद्वंदी रूस को भी छेड़ दिया है। अमेरिका द्वारा उत्तरी अटलांटिक सागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर, एम/वी बेला 1 को जब्त कर लिया गया।
डोनाल्ड ट्रंप की इस कार्रवाई के बाद सवालों के अंबार लग रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या प्रेसिडेंट ट्रंप दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर धकेल रहे हैं? इस सवाल के बीच सबकी नजरें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर टिकी हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि रूस अपने प्रतिद्वंदी अमेरिका की कार्रवाई के बाद क्या कदम उठाता है।
क्या दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की कगार पर धकेल रहे Donald Trump?
ये बड़ा सवाल है जो वर्तमान परिदृश्य के आधार पर उठ रहा है। हालांकि, इस सवाल का स्पष्ट और पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, अमेरिका ने पहले ईरान को धमकी दी, फिर वेनेजुएला पर हमला किया और अंतत: रूसी तेल टैंकर एम/वी बेला 1 को जब्त कर लिया। जानकारी के मुताबिक यूएससीजीसी मुनरो द्वारा ट्रैक किए जाने के बाद अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर उत्तरी अटलांटिक में इस पोत को जब्त किया गया।
अमेरिका द्वारा रूसी टैंकर को जब्त करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप फिर दुनिया की नजरों में आ गए हैं। पूछा जा रहा है कि क्या प्रेसिडेंट ट्रंप दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल रहे है? ये सवाल रूस के कद को ध्यान में रखते हुए उठ रहे है। दरअसल, जो अमेरिका खुद को महाशक्ति के रूप में प्रदर्शित करता है, रूस का प्रभुत्व भी उससे तनिक कम नही है। दोनों पहले से प्रतिद्वंदी रहे हैं। अमेरिका की इस कार्रवाई में ब्रिटेन भी उसके साथ है। यही वजह है कि तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जोरों पर है।
रूसी तेल टैंकर जब्त होने के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर टिकी नजरें
उत्तरी अटलांटिक सागर में अमेरिका द्वारा रूसी तेल टैंकर जब्त करने के बाद जहां एक ओर सवालों के अंबार लगे हैं। वहीं दूसरी ओर सबकी नजरें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर टिकी हैं। पुतिन अपनी योजना के अनुसार अपने बनाए रास्ते पर चलते हैं। यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर भी अमेरिका ने खूब दबाव बनाया, लेकिन रूसी राष्ट्रपति के आगे डोनाल्ड ट्रंप की एक न चली। आलम ये हुआ कि आज भी दोनों देशों के बीच तनाव जारी है। यही वजह है कि जब अमेरिका ने रूसी तेल टैंकर जब्त कर नया संग्राम छेड़ा है तो सबकी नजरें व्लादिमीर पुतिन पर टिकी हैं कि वे आगे क्या कदम उठाते हैं।






