LeT Hamas Nexus: दुनिया के लिए आतंकवाद कितनी बड़ी चुनौती है इसका उदाहरण सभी देख चुके हैं। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन, भारत, फ्रांस समेत शायद ही कोई ऐसा देश होगा जो आतंकी हमलों से न दहला हो। इसी क्रम में संयुक्त राष्ट्र व अन्य वैश्विक स्तर की संस्थाएं आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाती हैं। हालांकि, एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसे दुनिया के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है।
खबरों की मानें तो मिडिल ईस्ट के खूंखार हमास और पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा नए गठजोड़ पर काम कर रहे हैं। लश्कर से जुड़े आतंकी कमांडर फैसल नदीम ने स्वीकारा है कि मुनीर सेना की नाक के नीचे हमास से उसके संबंध पनप रहे हैं और उसने दोहा (कतर) में संगठन की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात हुई थी। मिडिल ईस्ट और पाकिस्तान आधारित आतंकवाद के इस नए गठजोड़ ने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
हमास संग पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा के गठजोड़ पर खुली पोल
इस संदर्भ में कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हमास शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात दोहा (कतर) में 2024 में हुई थी। इस दौरान फैसल नदीम और खालिद मशाल मिले थे। दोनों ने नए आतंकी गठजोड़ पर चर्चा की। फैसल के मुताबिक हमास का संचालन पाकिस्तान के सिंध प्रांत से होता है। ये दर्शाता है कि कैसे पाकिस्तानी आधारित आतंकी संगठन मिडिल ईस्ट के आतंकी ग्रुप हमास संग मिलकर गठजोड़ कर रहा है।
इस दौरान लश्कर और हमास आतंकवादियों की ट्रेनिंग, फंडिंग, प्रोपेगेंडा और आतंकी गतिविधियों में सहयोग जैसे मसलों पर काम कर सकते हैं। ये दुनिया के लिए खतरे की घंटी है। मिडल ईस्ट के हमास और पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा मिलकर क्रॉस-रीजनल टेररिज्म को और मजबूत कर सकते हैं। इससे चरमपंथी गुटों द्वारा मिलकर बड़े खतरे पैदा किए जा सकते हैं।
मुनीर सेना की नाक के नीचे फैल रहा टेरर नेटवर्क!
पाकिस्तान में आसिम मुनीर की सेना भले ही अमन-शांति कायम रखने का दावा करे। हालांकि, हकीकत इस दावे से काफी अलग है। पीएम शहबाज शरीफ, इशाक डार और ख्वाजा आसिफ जैसे हुक्मरान मुल्क में आतंकवाद के नामों-निशाने न होने की बात करते हैं। मुनीर सेना भी कथित रूप से आतंकवाद के सफाए के लिए काम करती है।
वास्तविकता ये है कि पाकिस्तान में अंदरखाने लश्कर-ए-तैयबा, तहरीक-ए-तालिबान, जैश-ए-मोहम्मद और अल-बदर जैसे आतंकी संगठन दायरा बढ़ा रहे हैं। लश्कर और हमास के बीच नई गठजोड़ से जुड़ी खबर इस दावे को और बल देती है। आतंकी संगठनों का नया गठजोड़ ये दर्शाता है कि किस कदर मुनीर सेना की नाक के नीचे टेरर नेटवर्क का प्रसार हो रहा है जो दुनिया के लिए गंभीर खतरा है।
