Marco Rubio: 3 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला बोला। इसके बाद यूएस सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया था। अमेरिका की इस हरकत के बाद अमेरिका समेत दुनियाभर में खलबल मच गई। ऐसे में यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के बाद अब अमेरिकी प्रशासन वेनेजुएला में सरकार चलाएगा। मगर अब इसमें एक नया मोड़ आया है। यूएस के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों से किनारा करते हुए चौंकाने वाला बयान दिया।
Marco Rubio ने डोनाल्ड ट्रंप के दावे से लिया यूटर्न, कही यह बड़ी बात
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, ‘वाशिंगटन सरकार चलाने की भूमिका नहीं निभाएगा और इसके बजाय बदलाव लाने के लिए तेल नाकाबंदी पर निर्भर रहेगा।’
ऐसे में क्या अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला को लेकर अपना रुख बदला है? इससे एक दिन पहले ही यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को अमेरिका द्वारा चलाए जाने की बात कही थी।
यूएस विदेश मंत्री ने आगे कहा, “बैन किए गए तेल टैंकरों पर नाकाबंदी, जिनमें से कुछ को अमेरिका ने जब्त कर लिया है अभी भी जारी है और यह एक बहुत बड़ा दबाव है, जो तब तक बना रहेगा, जब तक हम ऐसे बदलाव नहीं देखते जो न सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाएं, जो कि नंबर एक है, बल्कि वेनेजुएला के लोगों के लिए भी बेहतर भविष्य लाएं।”
डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति को दी कड़ी चेतावनी
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को लेकर भी सख्ती दिखाई है। ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा, ‘अगर रोड्रिगेज ‘सही काम’ नहीं करतीं, तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, शायद मादुरो से भी बड़ी।’ दूसरी तरफ, वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को देश से बाहर लेकर जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। साथ ही उनकी तत्कला वापसी की मांग भी की।
वेनेजुएला से ड्रग्स का खात्मा या तेल भंडारों पर कब्जा?
उधर, अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से वेनेजुएला की घेरेबंदी कर रहा है। यूएस प्रेसिडेंट चाहते थे कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो खुद ही देश छोड़कर चले जाए। मगर काफी लंबे टाइम तक ऐसा नहीं होने पर अमेरिका ने कड़ा कदम उठाया और ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ को अंजाम दिया।
अमेरिका का मानना है कि वेनेजुएला की खराब नीतियों की वजह से बीते कुछ सालों में करीब 80 लाख लोग वेनेजुएला छोड़कर अमेरिका आए हैं। दूसरी तरफ, वेनेजुएला की तत्काल सरकार ने अमेरिका के सभी आरोपों को खारिज करते हुए यूएस पर गंभीर आरोप लगाए। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के मुताबिक, अमेरिका ड्रग्स के नाम पर हमारे बड़े तेल भंडारों पर कब्जा करना चाहता है।
अब अमेरिका के निशाने पर आया कोलंबिया?
‘NDTV’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया को निशाना बनाने की धमकी दी है। यूएस प्रेसिडेंट ने कहा, “कोलंबिया भी बहुत बीमार है। इसे एक बीमार आदमी चलाता है जो कोकीन बनाना और इसे अमेरिका को बेचना पसंद करता है और वह बहुत लंबे समय तक ऐसा नहीं करेगा।” इतना ही नहीं, यूएस अपने पड़ोसी देश मैक्सिको पर भी धावा बोल सकता है।






