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MEA: ‘किफायती दरों पर ऊर्जा उपलब्ध…’ मोदी सरकार की डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक; भारत जल्द लेगा बड़ा फैसला! जानें सबकुछ

MEA: भारत ने खुले तौर पर अमेरिका को कह दिया है कि वह किसी के दवाब में नहीं आएगा। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।

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PM Modi, Donald Trump - फाइल फोटो

MEA: रूसी तेल खरीद मामले में भारत ने अमेरिका को करारा जवाब दिया है। बता दें कि अमेरिका में एक विधेयक पर ट्रंप ने हस्ताक्षर किए थे। जिसमे लिखा था कि जो देश रूस से तेल खरीदते है, उनपर 500 प्रतिशत पर टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अपना रूख साफ कर दिया है, और साफ शब्दों में कहा कि भारत स्वतंत्र है और अपने लोगों के फायदे के लिए वह कहीं से भी तेल खरीद सकता है। माना जा रहा है कि भारत ने खुले तौर पर अमेरिका को कह दिया है कि वह किसी के दवाब में नहीं आएगा। आईए समझते है इसके मायने।

मोदी सरकार की डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक

अमेरिकी द्वारा भारत पर 500% टैरिफ लगाने के लिए विधेयक पेश करने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रूसी तेल पर 500% टैरिफ बिल का समर्थन करने के संबंध में मीडिया के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक पर चल रही चर्चा से हम पूरी तरह अवगत हैं और इससे जुड़े सभी मुद्दों और घटनाक्रमों पर हम बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

साथ ही, मैं यह कहना चाहूंगा कि ऊर्जा स्रोतों के संबंध में, आप हमारे दृष्टिकोण से भलीभांति परिचित हैं। हम वैश्विक बाजार की स्थितियों और वातावरण को ध्यान में रखते हुए, अपनी 140 करोड़ की आबादी को किफायती दरों पर ऊर्जा उपलब्ध कराने की अपनी अनिवार्यता को भी ध्यान में रखते हैं। इन्हीं कारकों के आधार पर हम अपनी रणनीति और नीति निर्धारित करते हैं”।

ट्रेड डील पर भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रणधीर जयसवाल ने कहा कि “हमने ये टिप्पणियां देखी हैं। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी को ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। यानी, तब से दोनों पक्षों ने संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते तक पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है।

कई मौकों पर हम समझौते के बेहद करीब पहुंचे। इन चर्चाओं का जो वर्णन किया गया है, और जो टिप्पणियां सामने आई हैं, वे सटीक नहीं हैं। हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे पूरा करने के लिए तत्पर हैं। संयोगवश, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रम्प ने 2025 में आठ बार फोन पर भी बात की है, जिसमें हमारे व्यापक कार्यों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई है”।

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