US-Iran Ceasefire: दुनिया भर में अपनी छाती चौड़ी कर घूम रहे पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की पोल इजरायल ने खोल दी है। पर्दे के पीछे आसिम मुनीर और फ्रंटफुट पर शहबाज शरीफ यूएस-ईरान सीजफायर का श्रेय ले रहे हैं। हालांकि, इजरायल ने पहले ही लेबनान पर हमला कर समझौते की धज्जियां उड़ा दी हैं।
इसके साथ ही भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका ने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इजरायली राजदूत ने पाकिस्तान को विश्वसनीय पक्ष के रूप में नहीं देखने का जिक्र करते हुए पड़ोसा मुल्क में पर्दे के पीछे रची गई खेल का पर्दाफाश कर दिया है।
इजरायल ने खोला US-Iran Ceasefire के लिए पर्दे के पीछे रची रणनीति का पोल!
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते पर प्रतिक्रिया दी है।
#WATCH | Delhi: On Pakistan’s role as a mediator, Israel’s Ambassador to India, Reuven Azar, said, “We don’t see Pakistan as a credible player. I think that the United States has decided to use the services of the facilitation of Pakistan for their own reasons. We have seen in… pic.twitter.com/UErWPsTzzH
— ANI (@ANI) April 8, 2026
रूवेन अजार ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि “हम पाकिस्तान को एक विश्वसनीय पक्ष के रूप में नहीं देखते हैं। मुझे लगता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का उपयोग करने का निर्णय लिया है। हमने अतीत में देखा है कि कैसे संयुक्त राज्य अमेरिका ने कतर और तुर्की जैसे समस्याग्रस्त देशों का इस्तेमाल हमास के साथ समझौता कराने के लिए किया है।”
राजदूत ने आगे कहा कि “हमारे लिए, हम जो परिणाम देखना चाहते हैं, उसके सार और मूल तत्व के मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है।” ये दर्शाता है कि कैसे पाकिस्तान कठपुतली बन कर मध्यस्थता की भूमिका में रहा है। शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर अपनी तारीफ में चाहें जितने कसीदे गढ़ लें, हकीकत दावों से पूर्णत: भिन्न है।
मध्यस्थता की आड़ में कठपुतली बना पाकिस्तान!
पर्दे के पीछे मध्यस्थता की स्क्रिप्ट कहीं और से लिखी गई थी। पीएम शहबाज शरीफ ने द्वारा साझा किए गए ड्राफ्ट एक्स पोस्ट को लेकर ये दावा सामने आया। इसको लेकर पाकिस्तान की खूब फजीहत हुई। कयास लगाए गए यूएस-ईरान सीजफायल समझौते की मध्यस्थता में पाकिस्तान महज कठपुतली की भूमिका में रहा है।
इजरायली राजदूत रूवेन अजार भी इस दावे पर मुहर लगा रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर बताया कि कैसे पूर्व में अमेरिका तुर्की और कतर जैसे देशों को इस्तेमाल कर चुका है। इसी कड़ी में अब पाकिस्तान की बारी है। अमेरिका निजी हितों के लिए पाकिस्तान को कठपुतली बनाकर निर्देशों का पालन करा रहा है। पर्दे के पीछे रचे खेल की पोल खुलने के बाद मुल्क की फिर फजीहत हो रही है।






