Pakistan Hikes Fuel Price: ईरान पर इजरायली-अमेरिकी हमलों का असर यूं तो पूरी दुनिया पर पड़ता नजर आ रहा है। हालांकि, पाकिस्तान इसमें प्रमुख है जहां से उठ रही कराह दुनिया भर में गूंज रही है। आलम ये है कि हमला ईरान पर हुआ है और आर्थिक चोट पाकिस्तान को पहुंची है।
आनन-फानन में पाकिस्तानी हुकूमत ने ईंधन के दाम में भारी बढ़ोतरी कर आवाम को सड़क पर उतरने का मौका दे दिया है। पाकिस्तान में पेट्रोल के साथ डीजल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। मिडिल ईस्ट के बदले समीकरण ने पीएम शहबाज शरीफ के साथ आसिम मुनीर के पसीने छुड़ा दिए हैं।
पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमत ने छुड़ाए PM शहबाज के पसीने!
मिडिल ईस्ट में बदले समीकरण ने पाकिस्तान को ईंधन की कीमत बढ़ाने पर मजबूर कर दिया है। पाकिस्तानी हुकूमत ने आनन-फानन में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतें बढ़ा दी हैं। इस कड़ी में पड़ोसी मुल्क में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपए, तो वहीं 1 लीटर डीजल की कीमत 335.86 रुपए हो गई है। आसमान छूती ईंधन की ये कीमती पाकिस्तानी हुकूमत की कंगाली का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।
कैसे पड़ोसी मुल्क में अर्थव्यवस्था का दारोमदार ईंधन की कीमतों पर टिका है, ये मिडिल ईस्ट में उपजे तनाव के बीच हुए इजाफे से देखा जा सकता है। आलम ये है कि पड़ोसी मुल्क के पेट्रोलियम मिनिस्टर अली परवेज मलिक, इशाक डार व वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के साझा फैसले से पीएम शहबाज शरीफ के पसीने भी छूट रहे होंगे।
पड़ोसी मुल्क में सड़कों पर आई आवाम!
कंगाली की मार झेल रही पाकिस्तानी आवाम दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने के लिए जद्दोजहद करती है। पड़ोसी मुल्क में दो वक्त का खाना प्रबंध करना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि, हुकूमत को इससे रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता। आलम ये है कि पाकिस्तान सरकार ने मिडिल ईस्ट में छिड़े संग्राम के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतें 55 रुपए प्रति लीटर की दर से बढ़ा दी हैं।
ईंधन की कीमतों में हुए इजाफे से आम जनजीवन शत प्रतिशत प्रभावित होगा। परिवहन से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य सामग्रियों तक पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। यही वजह है कि पाकिस्तान सरकार का फैसला कंगाल पड़ी आवाम के लिए बज्रपात के समान है। इसको लेकर इस्लामाबाद, रावलपिंडी समेत तमाम इलाकों में आवाम सड़कों पर है। यही वजह है कि अंदरखाने शहबाज शरीफ के पसीने छूटने की बात कही जा रही है।
