US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में छिड़े संग्राम के बीच युद्ध की सुगबुगाहट एशिया तक आ रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका-इजरायल-ईरान वॉर के बीच कयासों को हवा दी है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने सऊदी अरब के साथ अपने द्विपक्षीय रक्षा समझौते का जिक्र किया है।
इसको लेकर उन्होंने मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध में शामिल होने के संकेत दिए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि अफगानिस्तान से हमलों की मार झेल रहा पाकिस्तान क्या अब यूएस-इजरायल-ईरान वॉर में शामिल हो सकता है? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने के साथ मिडिल ईस्ट के ताजा हालात पर चर्चा करते हैं।
क्या US-Israel-Iran War के बीच एंट्री करेगा पाकिस्तान?
इस सवाल की चर्चा अरब देशों से लेकर खाड़ी देश और एशिया तक में हो रही है। दरअसल, पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी अरब के साथ अपने द्विपक्षीय रक्षा समझौते का जिक्र किया है। इस रक्षा समझौते के तहत दोनों देशों में किसी पर हुआ हमला, दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।
पाकिस्तान ने इसी का जिक्र करते हुए ईरान को सऊदी अरब पर मिसाइल या ड्रोन हमले न करने की चेतावनी दी है। इस चेतावनी का साफ अर्थ है कि यदि ईरान सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयरबेस या अन्य अड्डों पर हमला करेगा। तो निकट भविष्य में पाकिस्तान रक्षा समझौते के तहत अमेरिका-इजरायल-ईरान वॉर में शामिल हो सकता है।
सऊदी अरब-पाकिस्तान के बीच ‘डिफेंस पैक्ट’ में क्या?
सितंबर 2025 में सऊदी-अरब और पाकिस्तान के बीच डिफेंस पैक्ट पर हस्ताक्षर हुए। इस द्विपक्षीय रक्षा समझौते के तहत दोनों मुल्क ने अपने-अपने हित साधे। समझौते में इसका जिक्र है कि दोनों में से किसी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। ऐसे में ईरान ने सऊदी अरब में स्थिति अमेरिकी एयरबेस व कुछ अड्डों को निशाना बनाया।
इसके बाद ही पाकिस्तान की ओर से रक्षा समझौता को लेकर प्रतिक्रिया आई है। पीएम शहबाज शरीफ के करीबी इशाक डार ने इसी क्रम में ईरान को चेतावनी भी दी है। ये स्पष्ट है कि पाकिस्तान-सऊदी अरब का डिफेंस पैक्ट ईरान युद्ध की स्थिति में भी लागू होगा। यही वजह है कि पाकिस्तान के अमेरिका-इजरायल-ईरान वॉर में शामिल होने की चर्चा तेज है।
