Pakistan News: भारत का पड़ोसी मुल्क आर्थिक से लेकर कुटनीति समेत सभी मोर्चों पर बर्बाद हो चुका है। महंगाई चरम पर है और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां बात पाकिस्तान के संदर्भ में हो रही है जहां कच्चे तेल की अनुपलब्धता ने मुल्क को बुरी तरह प्रभावित किया है। पीएम शहबाज शरीफ के करीबी ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक ने इसका खुलासा किया। पीएम शहबाज के करीबी मंत्री ने संकेत दिया कि पाकिस्तान में ईंधन संकट के कारण लॉकडाउन जैसी स्थिति है। मन मारकर भारत से पाकिस्तान की तुलना करते हुए परवेज मलिक ने कहा कि हमारे पास भारत की तरह तेल का भंडारण नहीं है।
तेल भंडारण मामले में भारत से PAK की तुलना कर क्या बोले PM शहबाज के मंत्री?
कच्चा तेल की बेतहाशा बढ़ती कीमत के बीच पीएम शहबाज शरीफ के करीबी मंत्री अली परवेज मलिक ने मुल्क में तेल भंडारण पर बड़ी सच्चाई स्वीकारी है। मंत्री मलिक ने कहा कि हमारे पास भारत के जैसा ऑयल रिजर्व नहीं है। पाकिस्तान कमर्शियल रिजर्व पर चलता है। अली परवेज मलिक ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान में रिफाइनरियों के पास महज 5-7 दिनों का क्रूड ऑयल रिजर्व है। जबकि भारत के पास 60-70 दिनों का भंडारण पड़ा है जिसे महज एक पहल पर रिलीज किया जा सकता है। पाकिस्तानी मंत्री ने हुकूमत की पोल खोलते हुए कहा कि हमे जनता को राहत दिलाने के लिए आईएमएफ से बात करनी पड़ी थी।
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण बैकफुट पर पाकिस्तान
ईरान के समक्ष अमेरिका और इजरायल जैसे मजबूत प्रतिद्वंदी खड़े हैं जो उनकी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। आलम ये है कि युद्धविराम पर खतरा मंडराने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी और बढ़ गई है। इससे वैश्विक मंच पर कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। पाकिस्तान जैसे देश में कच्चे तेल का आयात ज्यादातर खाड़ी देशों से होता था। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी के कारण आपूर्ति बाधित हुई जिससे पाकिस्तान बैकफुट पर आ गया है। आलम ये है कि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बेतहाशा बढ़ी हैं। यही वजह है कि अली परवेज मलिक ने खुलकर सच्चाई स्वीकारते हुए हुकूमत की पोल खोल दी है।






