‘यह सिर्फ़ निवेश ही नहीं, बल्कि…’ भारत-न्यूजीलैंड की दोस्ती देख गदगद हुए PM Modi, इन प्रमुख समझौतों पर लग सकती है मुहर, जानें सबकुछ

PM Modi: भारत और न्यूजीलैंड के बीच कई अहम मुद्दों पर समझौते हो सकते है, जिससे दोनों देशों को जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है।

PM Modi

फाइल फोटो

PM Modi: भारत के  प्रधानमंत्री अभी अपने विदेशी दौरे पर है। जहां वह बीते दिन यानि शुक्रवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचे। इस दौरान PM Modi ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के द्विपक्षीय बैठक की।

जिसमे कई अहम मुद्दों पर चर्चाएं हुई है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन 2025 में भारत आ चुके है और दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड डील को लेकर भी अहम सहमति बनी थी और एमओयू साइन हुआ था। वहीं अब प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की बीच जारी दोस्ती की जमकर तारीफ की है, और कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

PM Modi ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को सराहा

अब संबोधन के दौरान दोनों देशों के बीच जारी दोस्ती देख PM Modi ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “मैं अपने मित्र, प्रधानमंत्री लक्सन का शुक्रिया अदा करता हूँ कि उन्होंने मेरे प्रतिनिधिमंडल का इतना गर्मजोशी से स्वागत और आवभगत की। उन्होंने स्वागत में इतनी आत्मीयता दिखाई है कि आज ऑकलैंड की ठंड भी थोड़ी कम महसूस हो रही है।

आज, 40 साल बाद, कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूज़ीलैंड का दौरा कर रहा है, और मैं हमेशा कहता हूँ कि मेरे पूर्ववर्तियों ने मेरे लिए कई अच्छे काम छोड़े हैं, जिन्हें मैं अब पूरा कर रहा हूँ।”

इन प्रमुख मुद्दों पर बन सकती है सहमति

दोनों प्रधानमंत्रियों ने रणनीतिक साझेदारी के लिए एक महत्वाकांक्षी और दीर्घकालिक विज़न पर सहमति जताई। इसका मकसद द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना, मौजूदा सहयोग के तरीकों को मजबूत करना और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय स्तर पर सहयोग को और गहरा करने के नए रास्ते तलाशना है।
प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग में हुई प्रगति का स्वागत किया, जिसमें रक्षा सहयोग पर 2025 के भारत-न्यूज़ीलैंड समझौता ज्ञापन (MoU) को लागू करना भी शामिल है। वे रक्षा मंत्रालय और सेना के स्तरों पर नियमित और व्यवस्थित बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए।
उन्होंने 2025 में ‘कंबाइंड टास्क फोर्स 150’ (CTF-150) के तहत सहयोग पर ज़ोर दिया, जिसमें न्यूज़ीलैंड कमान संभालेगा और भारत डिप्टी कमांडर होगा; यह मध्य पूर्व और पश्चिमी हिंद महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों को रोकने के प्रयासों में मदद करेगा।
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