DNP India Hindi

Shabana Mahmood: ब्रिटेन में क्यों तेज हुई सियासी उठा-पटक! क्या कीर स्टार्मर की जगह मुल्क को मिल सकता है पहला मुस्लिम पीएम? जानें

Shabana Mahmood

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Shabana Mahmood: दुनिया में चर्चित एपस्टीन फाइल्स ने ब्रिटेन की सियासत को झकझोर कर रख दिया है। एपस्टीन फाइल्स विवाद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का नाम आना मुल्क में उठा-पटक का कारण बना है। आलम ये है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री पर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शबाना महमूद वो नाम है जो फिलहाल पीएम की रेस में संभावित चेहरे के तौर पर पेश की जा रही हैं।

पीएम स्टार्मर की कैबिनेट में गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम तेजी से सुर्खियों में है। लेबर पार्टी में अंदरखाने इस नाम पर विचार करने की खबर है। यदि स्टार्मर का इस्तीफा होता है, तो शबाना महमूद पर सबकी नजरें होंगी। क्या कश्मीरी मूल की शबाना को स्टार्मर की जगह ब्रिटेन का पहला मुस्लिम पीएम बनाया जाएगा? इस सवाल के जवाब का इंतजार सभी को बेसब्री से है।

क्या कीर स्टार्मर की जगह ब्रिटेन की पीएम बन सकती हैं Shabana Mahmood? 

इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, ब्रिटेन में एपस्टीन फाइल्स से जुड़े नए दस्तावेज सामने आने के बाद हलचल मची है। पीएम कीर स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव है। इस बीच शबाना महमूद का नाम एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि कीर स्टार्मर दबाव में आकर सत्ता की कुर्सी छोड़ते हैं, तो शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम पीएम बन सकती हैं।

हालांकि, इस दावे को लेकर आधिकारिक रूप से कोई पुख्ता खबर नहीं है। शबाना महमूद के अलावा वेस स्ट्रीटिंग और एंजेला रेनर का नाम भी पीएम की रेस में शामिल है। हालांकि, गृह मंत्रालय जैसा अहम महकमा संभालने वाली शबाना महमूद फिलहाल रेस में सबसे आगे बताई जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि ब्रिटेन की सियासत में मची उठा-पटक का अंत कैसे होता है और पीएम की कुर्सी किसे मिलती है।

ब्रिटेन में क्यों तेज हुई सियासी उठा-पटक?

सब कुछ सामान्त तौर पर चल रहा था। ब्रिटेन ने पहले अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कब्जा करने की कोशिश, फिर ग्रीनलैंड से जुड़े मसले पर बारीकी से प्रतिक्रिया भी दी। हालांकि, औचक नई एपस्टीन फाइल्स का आना मुल्क में सियासी उठा-पटक का कारण बन गया। दरअसल, पीएम स्टार्मर के सबसे करीबी सहयोगी मॉर्गन मैकस्वीनी पर गंभीर आरोप लगे

आरोप के मुताबिक पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के फैसले का समर्थन मैकस्वीनी ने ही किया था। इसके बाद मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा। इस इस्तीफे ने पीएम की कुर्सी भी हिला दी है। यही वजह है कि ब्रिटेन में सियासी उठा-पटक तेज है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस उठा-पटक का अंत क्या होता है और पीएम स्टार्मर कैसे इन चुनौतियों से निपटते हैं।

Exit mobile version