US Iran Conflict: मुल्क में मौलवी शासन कायम होने के बाद से अली खामेनेई पहली बार इतनी नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। पहले जेन-जी का रौद्र प्रदर्शन और फिर उस पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप। ये दोनों अली खामेनेई के लिए ऐसा सिरदर्द बना कि अंतत: उन्हें बंकर में छिपना पड़ा है। इधर अमेरिका वक्त की तलाश में है।
अमेरिका का जंगी जहाज अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट में प्रवेश कर चुका है जो अंदरखाने ईरान की धड़कन बढ़ा सकता है। मिडिल ईस्ट में बदले समीकरण ने कई सवालों को जन्म दिया है। क्या बंकर में छिपे अली खामेनेई को सत्ता से उखाड़ फेंकने की तैयारी पूरी है? क्या अब अमेरिका-ईरान के बीच हमले का दौर शुरू होगा? ऐसे तमाम सवाल हैं जो मध्य पूर्व के समीकरण के लिहाज से उठ रहे हैं।
बंकर में छिपे खामेनेई को सत्ता से उखाड़ फेंकने की तैयारी?
तेहरान की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों की पहली मांग यही थी कि अली खामेनेई अपनी कुर्सी छोड़ें। उनकी जगह रजा पहलवी को ईरान की कमान सौंपने की मांग उठी थी। हालांकि, मौलवी शासन प्रदर्शन को दबाने में कामयाब रहा और अब भारी संख्या में लोगों की मौत के बाद सड़कें खाली हैं। इधर अमेरिका है जो ईरान पर लगातार मानवीय मूल्यों की हत्या का आरोप लगाकर हमले की धमकी दे रहा है।
अमेरिका की चेतावनी का आशय स्पष्ट है कि अली खामेनेई कुर्सी से हटें और 1979 से ईरान में चली आ रही मौलवी शासन का खात्मा हो। इसको लेकर बार-बार धमकियां दी जा रही हैं। खबरों की मानें तो खामेनेई बंकर में छिपे हैं। डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान की एक-एक गतिविधि पर नजर जमाए हुए हैं। ऐसे में ये कहा जा सकता है कि ईरान में अंदरखाने से बाहर तक मौलवी शासन का अंत करने की बिसात बिछाई जा रही है। अब आगे क्या होगा ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।
क्या ईरान पर हमला करेगा अमेरिका?
इसका पुख्ता जवाब या तो भविष्य के गर्भ में है, या प्रेसिडेंट ट्रंप के मन में। मिडिल ईस्ट में बदलते समीकरण ने इस ओर इशारा किया है। प्रेसिडेंट ट्रंप जानते हैं कि ईरान 1979 के बाद से अब तक के सबसे नाजुक दौर से गुजर रहा है। अली खामेनेई की ईरानी सत्ता पर पकड़ पहले की तुलना में बहुत कमजोर हो चुकी है। खबरों की मानें तो अमेरिका सही वक्त के इंतजार में है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका हमले के ठिकाने तक तय कर चुका है। अब्रांहन लिंकन जहाज को डार्क जोन में शिफ्ट कर दिया गया है। अमेरिका खामेनेई का किला किसी भी वक्त ढ़हा सकता है। हालांकि, इसको लेकर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं सामने आई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि बार-बार ईरान पर हमला देने की धमकी दे रहा अमेरिका क्या कदम उठाता है। अमेरिका ईरान पर हमला करता है, या प्रदर्शन खत्म होने के साथ ही अपनी सेना वापस बुला लेता है।





