US-Iran-Deal: मिडिल ईस्ट में जारी टेंशन के बीच ईरान और अमेरिका के बीच डील संपन्न हुई है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या अब दुनिया के देशों की टेंशन खत्म होने वाली है। बता दे कि युद्ध के कारण पेट्रोल, डीजल के दामों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। हालांकि डील को लेकर अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि किन मुद्दों पर डील हुई है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को फिर से व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।
US-Iran Deal कई मायनों में खास
रिपोर्ट्स के अनुसार कई संवेदनशील मुद्दे जैसे परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल नीति और दीर्घकालिक प्रतिबंध राहत अभी भी पूरी तरह सुलझे नहीं हैं। यदि बातचीत विफल होती है तो तनाव फिर बढ़ सकता है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने की भी जल्द उम्मीद है। सबसे खास बात बात है कि इससे कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा बढ़े हुए पेट्रोल डीजल के दामों में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। सबसे खास बात है कि भारत के लिए भी ये काफी अहम होने जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही समझौता हो गया हो, लेकिन युद्ध के कारण प्रभावित तेल और गैस उत्पादन को पूरी तरह सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं।
भारत के लिए क्यों खास है ये डील
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध की वजह से वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली थी। अब समझौते के बाद तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। कुल मिलाकर देखें तो मौजूदा परिस्थितियों में US-Iran Deal भारत के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आई है। सस्ता तेल, कम महंगाई, मजबूत रुपया और बेहतर ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई फायदे भारत को मिल सकते हैं।






