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US-Iran Tensions: मिडिल ईस्ट में लोगों की धड़कन बढ़ा रही अमेरिकी एडवांस फाइटर जेट की तैनाती! क्या जंग का मैदान बनेगा तेहरान? जानें अपडेट

US-Iran Tensions

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

US-Iran Tensions: मध्य पूर्व में तनाव का दौर फिर बढ़ गया है। ईरान-अमेरिका द्विपक्षीय लड़ाई में आमने-सामने खड़े हैं। तेहरान पर युद्ध का संकट मंडरा रहा है। इसी बीच F-35, F-22, F-16 और F-15 जैसे आधुनिक अमेरिकी फाइटर जेट लगातार ईरान की घेराबंदी किए हुए हैं। अमरिकी नौसेना का एक बेड़ा भी मिडिल ईस्ट में तैनात है।

ये दर्शाता है कि अमेरिका ईरान पर हमला के लिए पूर्णत: तैयार है। सवाल है कि क्या जल्द ही तेहरान जंग का मैदान बनेगा? क्या अमेरिकी और ईरानी सेना फ्रंट पर आकर एक-दूसरे पर निशाना साधेगी? आइए इन सवालों का जवाब ढूंढ़ते हुए ईरान के हालिया घटनाक्रम पर चर्चा करते हैं।

क्या जंग का मैदान बनेगा तेहरान?

इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, ईरान और अमेरिका तेहरान में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद आमने-सामने हैं। अमेरिका भी अंदरखाने ईरान से मुल्ला शासन को उखाड़ फेंकने की वकालत करता है। दोनों देशों के बीच पसरे तनाव के दौर को देखते हुए सीएनएन ने युद्ध की आशंका व्यक्त की है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इसी सप्ताह अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। अमेरिका की पुख्ता तैयारियां इस दावे को बल दे रही हैं। अमेरिकी सेना लगातार तैनात है और उसे प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार है। दूसरी ओर ईरान के रुख भी तल्ख हैं और अली खामेनेई मुंहतोड़ जवाब देने की बात दोहरा रहे हैं। यही वजह है कि तेहरान की जमीन पर युद्ध छिड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

मिडिल ईस्ट में लोगों की धड़कन बढ़ा रही अमेरिकी एडवांस फाइटर जेट की तैनाती!

अमेरिकी आधुनिक फाइटर जेट्स मिडिल ईस्ट के अलग-अलग इलाकों में तैनात हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक F-35, F-22, F-16, F-15 जैसे फाइटर जेट्स ईरान की घेराबंदी किए हुए हैं। मिडिल ईस्ट में तुर्किए, इराक, कुवैत, ओमान, सऊदी, जॉर्डन जैसे देशों में भी अमेरिकी एयरबेस और नेवल फेसिलिटी उपलब्ध है। ऐसे में मध्य पूर्व में रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ रही हैं।

उन्हें ऐसा लग रहा है कि अमेरिकी सेना किसी भी क्षण ईरान पर हमला बोल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो बड़े पैमाने पर तबाही मचेगी। ईरानी सेना और अमेरिकी सेना के बीच संभावित युद्ध की चपेट में आम जनता भी सकती है। जनहानि के साथ बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका लोगों को भीतर से भयभीत कर रही है।

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