US Iran Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनियाभर में तहलका मचा रखा है। ‘Hindustan Times’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मैं यह कह सकता हूं, वे डील करना चाहते हैं।’ ईरान पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई की धमकी के बीच ट्रंप की यह टिप्पणी आई है। वहीं, शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस फैसले से अमेरिका और ईरान के बीच और ज्यादा टेंशन बढ़ सकती है।
US Iran Tensions: अमेरिका ने लिया बड़ा फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजराइल और सऊदी अरब दोनों के साथ 6.67 बिलियन डॉलर और 9 बिलियन डॉलर के बड़े हथियारों के सौदों को मंजूरी दे दी है। इन डील्स की घोषणा शुक्रवार देर रात की गई और शुक्रवार को ही अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा अमेरिकी कांग्रेस को इन बिक्री की मंजूरी के बारे में सूचित करने के बाद इन्हें सार्वजनिक किया गया। बताया जा रहा है डील के तहत ट्रंप प्रशासन सऊदी अरब को 30 अपाचे हेलीकॉप्टर देगा। ये सभी हेलीकॉप्टर एडवांस टारगेट तकनीक से लैस होंगे। वहीं, अमेरिका प्रशासन इजराइल को 3250 हल्के टैक्टिकल वाहन देगा। इससे इजराइल की सेना अपने जरूरी सामानों को आसानी से किसी भी जगह लेकर जा सकेगी। इससे इजराइल की सप्लाई लाइन मजबूत होगी।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान ने दिखाई अपनी ताकत
उधर, अमेरिका-ईरान के तनाव के बीच ईरान ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। हाल ही में ईरान ने अपने सेना में 1 हजार स्वदेशी रणनीतिक लड़ाकू ड्रोन शामिल किए हैं। इसके साथ ही ईरान ने कई अटकलों को खारिज किया। ईरान ने बैलेस्टिक मिसाइलों को लेकर चल रही डील को लेकर कहा कि अमेरिका के साथ कोई डील नहीं हो रही। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, ‘फिलहाल अमेरिका से बातचीत की कोई ठोस योजना नहीं है। ईरान निष्पक्ष और समान शर्तों पर वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन अभी वे हालात पूरे नहीं हुए हैं।’
दोनों देशों में तनाव खत्म करेगा मॉस्को
उधर, कुछ अन्य रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के मध्य बढ़ते तनाव को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खत्म कर सकते हैं। हाल ही में ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने शुक्रवार को मॉस्को में पुतिन से मुलाकात की। इसके बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि मॉस्को ने अमेरिका और तेहरान के बीच सुलह कराने का ऑफर दिया है।





