US-Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव गहराता नजर आ रहा है। इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति का रुख सख्त है। डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दिखने वाले ईरानी जहाजों को गोली से उड़ाने के आदेश दिए हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप के ‘शूट एट साइट’ ऑर्डर के बाद तेहरान में हलचल तेज है। आनन-फानन में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और आसिम मुनीर से की वार्ता की है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्थायी युद्धविराम पर बात बनेगी? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशश करते हैं।
आनन-फानन में ईरानी विदेश मंत्री ने मुनीर से की वार्ता!
अमेरिका के तल्ख रुख ने ईरान को बैकफुट पर धकेल दिया है। पहले अमेरिका वार्ता के लिए तैयार था और ईरान की अपनी शर्ते थीं। हालांकि, अब स्थिति बदल गई है। अब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आनन-फानन में आसिम मुनीर और पाकिस्तानी मंत्री इशाक डार से वार्ता कर मध्यस्थता की भूमिका निभाने को कहा है। इस दौरान अन्य क्षेत्रीय घटनाक्रमों और संघर्ष विराम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है। ईरान ऐसे समय में पाकिस्तान के समकक्ष पहुंचा है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी तेज होने के कारण तनाव का दौर बढ़ गया है।
क्या अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम पर बनेगी बात?
इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, अमेरिका और ईरान फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही तनावपूर्ण माहौल का सामना कर रहे हैं। पहले जंग-ए-मैदान में दोनों की सेनाएं आमने-सामने हुईं। हालांकि, अब युद्धविराम को विस्तार मिला है। इसके बावजूद स्थायी युद्धविराम पर कोई अपडेट नहीं है जिसको लेकर सनसनी मची है। दोनों मुल्कों के बीच दो प्रस्तावित शांति वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद ट्रंप ने सख्ती दिखाते हुए होर्मुज स्ट्रेट में दिखने वाले ईरानी जहाज को गोलियों से उड़ाने के आदेश दिए हैं। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देशों के बीच बात बनती है या पश्चिमी एशिया में संघर्ष और बढ़ता है।






