US-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी टेंशन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत जारी है। हालांकि बीच-बीच में सीजफायर की भी उल्लंघन देखने को मिल रहा है। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि दोनों देशों के बीच 60 दिनों के सीजफायर पर मुहर लग सकती है, जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या अमेरिका और ईरान बीच युद्ध खत्म हो जाएगा।
हालांकि यह जीतना सुनने में आसान लग रहा है उतना है नहीं और अगर ऐसा हो जाता है तो दुनिया के कई देशों की चिंता खत्म हो सकती है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
क्या अमेरिका-ईरान के बीच बन गई बात?
CNBC TV18 की एक रिपोर्ट के सूत्रों ने रॉयटर्स और एएफपी को बताया कि मुताबिक अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में युद्ध को नियंत्रित करने के लिए लागू नाजुक युद्धविराम को और 60 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि अभी अधिकारिक तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच इसे लेकर पुष्टि नहीं की गई है।
गौरतलब है कि अगर दोनों देशों के बीच सीजफायर हो जाता है, तो दुनिया के कई देशों को राहत मिल सकती है। इसके अलावा अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा, तो जहाजों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिनों तक सीजफायर की शुरूआती सहमति बनने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक आज शुक्रवार सुबह 7 बजे ब्रेंट क्रूड का भाव 0.22% गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है।
माना जा रहा है कि इसके अधिकारिक ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम कम होंगे। हालांकि यह तो आने वाले समय ही बताएगा, क्योंकि अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप की बात पर जल्दी भरोसा करना सही नहीं है।
