US-Iran War के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल, भारत समेत इन देशों में मचा हड़कंप, जानें सबकुछ

US-Iran War: कुछ दिनों की शांति के बाद एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो चुका है। जिसने टेंशन बढ़ा दी है।

US-Iran War

फाइल फोटो

US-Iran War: कुछ दिनों की शांति के बाद एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो चुका है। अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए है। बता दें कि अमेरिका ने ईरान के IRGC के ठिकानों पर लगातार दूसरे दिन हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में मौजूद प्रिंस हसन एयरबेस और वहां मौजूद अमेरिकी मरीन ठिकाने को बैलिस्टक मिसाइलों से निशाना बनाया। वहीं अब इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है। जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। US-Iran War से एक बार फिर भारत समेत कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है।

US-Iran War से दुनिया में मचा हड़कंप

कई दिनों की शांति के बाद अब एक बार फिर US-Iran War शुरू हो चुका है। जिसने भारत समेत दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। सबसे खास बात है कि युद्ध के शुरू होते ही कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। बताते चले कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही कई देशों में गैस और कच्चे तेल की सप्लाई की जाती है, लेकिन युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।

बता दें कि दोनों देशों के बीच ये तीसरी बार फिर से युद्ध शुरू हुआ है। सबसे बड़ी बात है कि ईरान अमेरिका के आगे बिल्कुल झुकने को तैयार नहीं है। यही कारण है अमेरिका द्वारा लगातार प्रतिबंध लगाया जा रहा है और अब हमला भी शुरू कर दिया गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत की बढ़ी टेंशन

युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। मालूम हो कि ब्रेंट क्रूड ऑयल 96 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि अगर युद्ध की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो ये आंकड़ा और बढ़ सकता है। यानि भारत समेत दुनिया के कई देशों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।

बता दें कि दुनिया के कई देशों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही कच्चा तेल और गैस दूसरे देशों में पहुंचता है। वहीं आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि उसने हमला करने वालों को एक “अफसोसनाक जवाब” दिया है. संगठन का दावा है कि उसके हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि अमेरिका की तरफ से इसे लेकर अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

 

 

 

Exit mobile version