US Iran War: हॉर्मुज में शांत हुई युद्ध की हलचल तो बाजार को मिली राहत, इतना सस्ता हुआ कच्चा तेल

US Iran War: कच्चे तेल की कीमत में कमी दर्ज की गई है और उसकी वजह से बाजार में हलचल मच गई है। क्या अमेरिका का शांत रुख दुनिया के लिए राहत की खबर है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स क्या है।

US Iran War

Photo Credit- Google US Iran War

US Iran War: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की खबर से दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। जाहिर तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे बीते लंबे समय से तनातनी का असर बाजार पर देखने को मिल रहा था। वहीं इस सबके बीच अब कहा जा रहा है की कच्चे तेल की कीमत गिरकर लगभग $92.41 प्रति बैरल पर आ गई है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत गिरकर $85.01 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। यह खबर निश्चित तौर पर उपभोक्ताओं के लिए राहत की साबित हो सकती है। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है।

US Iran War ठंडा होने का क्या दिखा असर

पिछले कुछ हफ्तों से तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं और यह $100 से $102 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। पिछले लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमला जारी था। अब दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले रोक दिए हैं क्योंकि अमेरिका ने कूटनीतिक रास्ता अपनाने के लिए यह विराम लगाया है। वही उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होने से मामला बहुत जल्द शांत हो सकता है जिसकी वजह से व्यापार और सुरक्षा में बदलाव आने की उम्मीद है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में राहत से कैसे हुआ बदलाव

दुनिया का लगभग 20-25% कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के समुद्री रास्ते से गुजरता है। तनाव के कारण इस रास्ते पर व्यापार लगभग ठप हो गया था। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रुकने से अब तेल की सप्लाई में कोई रुकावट आने की संभावना कम है और यह दुनिया भर में व्यापार और बाजार के लिए राहत की खबर है।

क्या बदल पाएगा बाजार का रुख

वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के तट पर सऊदी तेल के स्थानों पर हमला किया जिससे बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाला जहाजों का ट्रैफिक भी कम हो गया। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर ही वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में तेल उत्पादक देश वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं लेकिन सऊदी टैंकरों पर हमलों के कारण चीजें ठीक नहीं हैं। कच्चे तेल के दाम पिछले हफ्ते के रिकॉर्ड स्तर से नीचे आए हैं लेकिन युद्ध के कारण बाजार में अब भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में आगे देखना खास हो सकता है कि कैसे बाजार का रुख बदलता है।

 

 

 

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