US-Iran War: एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा मंडराने लगा है। बता दें कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील हुई थी। जिसके बाद यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि दुनिया में एक बार फिर शांति होगी। लेकिन एक बार फिर दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ गई है।
बता दें कि ईरान की तरफ से एक जहाज पर हमला करने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया है। वहीं अब अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को खुली धमकी दे दी है। जिसके बाद अब कयासों का बाजार गर्म हो गया कि एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने वाली है?
अमेरिका ने ईरान पर किया हमला
U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेनाओं ने ईरान के ख़िलाफ़ हमले किए। इसकी जानकारी खुद कमांड ने अपने एक्स हैंडल पर दी है। उन्होंने लिखा कि 25 जून को ईरान द्वारा ‘M/V एवर लवली’ पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किए जाने के बाद, अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों और तटीय रडार साइटों पर हमला किया।
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 26, 2026
ईरान के हमले के समय, सिंगापुर के झंडे वाला यह कार्गो जहाज ओमान के तट के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बाहर निकल रहा था। व्यावसायिक जहाजों के खिलाफ ईरानी सेना की बिना उकसावे की आक्रामकता ने साफ तौर पर युद्धविराम का उल्लंघन किया। इसके अलावा, ईरान के खतरनाक व्यवहार ने नेविगेशन की आज़ादी को कमजोर किया, क्योंकि इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारे से व्यापार का प्रवाह लगातार होता रहता है।
भारत पर क्या होगा असर?
यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लंबे समय तक तनाव बना रहता है, तो भारत समेत कई एशियाई देशों पर इसका असर पड़ सकता है। अगर भारत की बात करें तो – कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। पेट्रोल और डीजल महंगे होने की आशंका बढ़ सकती है।आयात लागत बढ़ने से महंगाई पर दबाव आ सकता है। समुद्री व्यापार और शिपिंग लागत में भी इजाफा हो सकता है। अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से सख्त बयानबाजी जारी है, लेकिन साथ ही कूटनीतिक संपर्क भी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
