US-Israel Attack Iran: ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत भले ही हो गई है, लेकिन तेहरान से संकट के बादल अभी नहीं हटे हैं। अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से युद्ध छेड़ ईरान को बैकफुट पर धकेल दिया है। अप्रत्याशित रूप से किए गए हमले में आयातुल्ला अली खामेनेई के साथ टॉप लीडरशिप में शामिल सैकड़ों ताकतवर लोगों की जान गई है।
अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरानी सेना का मुख्यालय भी नेस्तनाबूद हो चुका है। इसके बावजूद अमेरिका अभी तल्ख है और ठोस कार्रवाई की बात कर रहा है। अमेरिका का साफ कहना है कि यदि ईरानी सेना ने हथियार नहीं डाले, तो मुल्क को बर्बाद कर देंगे। डोनाल्ड ट्रंप का ये रुख मिडिल ईस्ट में रहने वाले लोगों के चेहरे पर शिकन का कारण बना है।
सुप्रीम लीडर की मौत के साथ सैन्य मुख्यालय को नेस्तनाबूद कर अमेरिका तल्ख
मिडिल ईस्ट में सनसनी मचाने के बाद भी अमेरिका अभी तल्ख है। अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत सैकड़ों ताकतवर शख्सियतें मारी जा चुकी हैं। उनके जनाज़ो में तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ नजर आ रही है। ईरानी सेना का मुख्यालय नेस्तनाबूद हो चुका है। बावजूद इसके अमेरिका की तल्खी बरकरार है।
मिलिट्री की ओर से साफ कहा गया है कि यदि ईरानी सेना हथियार नहीं डालती है, तो बर्बादी का वो मंजर नजर आएगा जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। तेहरान में स्थित सभी महत्वपूर्ण प्रशासनिक और मंत्रिस्तरीय प्रतिष्ठानों जमींदोज हो चुके हैं। ये दर्शाता है कि कैसे अमेरिका का रुख अभी भी सख्त है और नजरें ईरान पर टिकीं हैं।
तेहरान से मशहद तक फिर मचेगी तबाही?
इजरायली और अमेरिकी हमलों ने ईरान के सभी प्रमुख शहरों में तबाही मचा दी है। एक के बाद एक दागे गए मिसाइल की चपेट में आने से सुप्रीम लीडर खामेनेई भी मारे जा चुके हैं। आनन-फानन में नए सुप्रीम लीडर की घोषणा हुई है। ईरानी सेना का मुख्यालय भी तबाह हो चुका है। सभी प्रशासनिक भवन जमींदोज नजर आ रहे हैं। बावजूद इसके अमेरिका का रुख तल्ख है।
अमेरिका का साफ कहना है कि यदि ईरानी सेना फिर टकराने की कोशिश करेगी, तो करारा जवाब मिलेगा। यहां करारा जवाब का आशय ईरान को पूर्णत: बर्बाद करने से है। इसको लेकर तेहरान से मशहद, तबरेज समेत सभी शहरों में सनसनी मची है। आम लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। यदि ईरानी सेना नहीं संभली, तो अमेरिका-इजरायल फिर मुल्क में अंदरखाने तबाही मचा सकते हैं।
